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तपोभूमि चित्रकूट आने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर! रानीपुर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी शुरू, जानें क्या है खास

Published: Sun, 01 Nov 2026 08:53 PM (IST)

चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का शुभारंभ हो गया है, जिससे पर्यटक अब वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य ...और पढ़ें

ये फोटो एआई जनरेटेड है।

ये फोटो एआई जनरेटेड है।

HighLights

  1. रानीपुर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का हुआ शुभारंभ।

  2. पर्यटक अब वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य का ले सकेंगे रोमांच।

  3. स्थानीय पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा, कॉटेज भी उपलब्ध।

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। तपोभूमि चित्रकूट आने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। रानीपुर टाइगर रिजर्व में रविवार से जंगल सफारी की शुरुआत हो गई। फील्ड डायरेक्टर मनोज कुमार शुक्ला ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया।

अब देश और प्रदेश के सैलानी जंगल के बीच वन्यजीवों को देखने के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का रोमांच भी ले सकेंगे। वन विभाग ने सफारी के लिए वाहनों की व्यवस्था की है। एक सफारी ट्रिप में प्रति व्यक्ति करीब तीन हजार रुपये खर्च आएगा। पर्यटकों के रात्रि विश्राम के लिए मारकुंडी डाक बंगले में काटेज भी बनाए गए हैं।

सफारी शुरू होने से मानिकपुर और मारकुंडी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ होटल और परिवहन कारोबार को भी लाभ मिल सकता है।

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शुभारंभ के मौके पर उप निदेशक प्रत्यूष कटियार, सहायक वन संरक्षक राजीव रंजन, वन्यजीव प्रतिपालक गोविंद प्रसाद, क्षेत्रीय वन अधिकारी सुशील श्रीवास्तव सहित वन विभाग के अधिकारी, स्कूली बच्चे और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

Ranipur Tiger Reserve Jungle Safari (1)

देश का 53वां टाइगर रिजर्व है रानीपुर

वर्ष 2022 में रानीपुर टाइगर रिजर्व को देश का 53वां और उत्तर प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। यह 529.36 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, यहां चार बाघ, 25 तेंदुए, 82 भालू और 60 लकड़बग्घे सहित कई वन्यजीव पाए जाते हैं। चीतल, सांभर, चिंकारा, हिरन और काला हिरन के साथ पक्षियों की 150 से अधिक प्रजातियां भी यहां मौजूद हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व से निकटता के कारण इसे बाघों का प्रमुख गलियारा भी माना जाता है।

ग्लास स्काई वाक और काटेज भी आकर्षण

रानीपुर टाइगर रिजर्व के आसपास शबरी जलप्रपात में प्रदेश का इकलौता ग्लास स्काई वाक ब्रिज पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। वहीं, किहुनिया और जामवंत क्षेत्र में चार स्वीट काटेज बनाए गए हैं। इनमें ठहरने का किराया भारतीय पर्यटकों के लिए तीन हजार रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए छह हजार रुपये प्रति रात निर्धारित है।

इस तरह से पहुंचें

रानीपुर टाइगर रिजर्व चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र में बना हुआ है। यहां जाने के लिए आपको टैक्सी बुक करनी पड़ेगी। भारतीय पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 80 रुपये प्रति व्यक्ति है। 12 साल तक के बच्चों के लिए प्रवेश शुल्क 25 रुपये है। विदेशी सैलानियों के लिए प्रवेश शुल्क 1000 रुपये प्रति व्यक्ति है। एक जिप्सी का किराया 2500 रुपये हैं

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