चित्रकूट की गुप्त गोदावरी पर संकट, चट्टानें दरकने से दोनों गुफाएं सील; वैज्ञानिक जांच के बाद खुलेगा प्रवेश
चित्रकूट की प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी गुफाएं लगातार बारिश के कारण चट्टानें दरकने से पर्यटकों के लिए बंद कर दी गई ...और पढ़ें

सूनी पड़ा धार्मिक स्थल गुप्त गोदावरी की सीढ़ी पर पड़े पत्थर। जागरण
HighLights
गुप्त गोदावरी गुफाएं चट्टानें दरकने के कारण बंद की गईं
लगातार बारिश से गुफा में दरारें और पानी का रिसाव
एमएनएनआईटी प्रयागराज की टीम करेगी सुरक्षा जांच
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। तपोभूमि की प्राकृतिक और धार्मिक धरोहर गुप्त गोदावरी गुफा इतिहास में दूसरी बार पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए बंद है। इससे पहले कोरोना संक्रमण में यहां प्रवेश रोका गया था, लेकिन इस बार वजह बारिश में गिरी गुफा की चट्टानें बनी हैं। मध्य प्रदेश प्रशासन ने दोनों गुफा को सील कर दिया है।
जांच के लिए मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी), प्रयागराज की टीम बुलाई गई है। अब विशेषज्ञों की तकनीकी जांच और सुरक्षा रिपोर्ट के बाद ही गुफा को दोबारा खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
गुप्त गोदावरी में खटखटा चोर के पास पत्थर दो बार गिरे थे, जिसमें गुफा में स्थापित पंचमुखी शिवलिंग भी क्षतिग्रस्त हुआ था। मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह ने बताया कि चट्टानों में दरार और ज्वाइंट दिखाई देने व पानी का रिसाव की रिपोर्ट कलेक्टर सतना को दी थी।
कमजोर चट्टानों के खिसकने की आशंका को देखते हुए श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया जाए। रामदरबार के आसपास चट्टानों की परतों को लेकर भी सुरक्षा की चिंता व्यक्त की गई थी। हालांकि एसडीएम ने कहा था कि अभी पत्थर गिरने की वजह पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं है।
गुफा की सुरक्षा जांच के लिए नगर पंचायत नयागांव ने 24 सितंबर को पत्र लिखकर एमएनएनआईटी के प्रोफेसर और वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया है। टीम चट्टानों और पत्थरों की आवश्यक तकनीकी और स्वायल टेस्ट करेगी। गुप्त गोदावरी पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। यहां रोजाना करीब पांच हजार सैलानियों आते हैं।
गुफा बंद होने से श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित होने के साथ स्थानीय पर्यटन कारोबार और नगर पंचायत के प्रतिदिन करीब एक लाख रुपये राजस्व पर भी असर पड़ेगा। 29 अगस्त को मंदाकिनी में आई बाढ़ के बाद अब गुफा की चट्टानों के दरकने की घटना ने अतिवृष्टि के प्राकृतिक धरोहरों पर पड़ रहे असर को भी सामने ला दिया है।
प्रयागराज से विशेषज्ञों की टीम का मंगलवार को आना प्रस्तावित था, लेकिन नहीं आई। सोमवार को फिर तिथि मिली है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही गुफा को दोबारा खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
- अंकित सोनी, मुख्य नगर अधिकारी नगर पंचायत नयागांव (चित्रकूट)
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