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दीपावली मेले में भी बंद रहेगी गुप्त गोदावरी गुफा, चट्टानों के खिसकने के खतरे से सुरक्षा जांच जारी

Published: Sat, 24 Oct 2026 08:24 PM (IST)

चित्रकूट में गुप्त गोदावरी गुफा दीपावली मेले के दौरान भी बंद रहेगी। चट्टानों के खिसकने के खतरे के कारण सुरक्षा ...और पढ़ें

14 अक्टूबर को गुप्त गोदावरी में जांच करने आई एमएनएनआईटी टीम। फाइल फोटो

14 अक्टूबर को गुप्त गोदावरी में जांच करने आई एमएनएनआईटी टीम। फाइल फोटो

HighLights

  1. गुप्त गोदावरी गुफा चट्टानों के खिसकने के खतरे के कारण बंद।

  2. दीपावली मेले में श्रद्धालुओं के लिए गुफा में प्रवेश वर्जित।

  3. एमएनएनआईटी द्वारा 20 लाख रुपये का सर्वे एस्टीमेट भेजा गया।

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। दीपावली मेले में आने वाले श्रद्धालु इस बार गुप्त गोदावरी गुफा के दर्शन नहीं कर सकेंगे। चट्टानों के खिसकने और हादसे की आशंका के चलते बंद की गई गुफा को सुरक्षा जांच पूरी होने तक नहीं खोला जाएगा।

वैज्ञानिक सर्वे के लिए प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) ने 20 लाख रुपये का एस्टीमेट भेजा है। शुल्क जमा होने के बाद विस्तृत तकनीकी और भूगर्भीय जांच कराई जाएगी। ऐसे में दीपावली मेले तक गुफा खुलने की उम्मीद नहीं है।

अगस्त और सितंबर में हुई बारिश के बाद गुफा की चट्टानों को लेकर सुरक्षा संबंधी आशंका जताई गई थी। इसके बाद प्रशासन ने 26 सितंबर को श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। बीते 14 अक्टूबर को एमएनएनआइटी के प्रोफेसर और वैज्ञानिकों की टीम ने गुफा का प्रारंभिक निरीक्षण किया था।

प्रो. एचके पांडेय के मुताबिक, विस्तृत जांच में चट्टानों की मजबूती, नमी, दरारों और संभावित जोखिम वाले स्थानों का विश्लेषण किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर ही गुफा को सुरक्षित खोलने अथवा संरक्षण के लिए आवश्यक कदम तय होंगे।

मुख्य नगर परिषद अधिकारी अंकित सोनी ने बताया कि वैज्ञानिक सर्वे के लिए संस्थान ने 20 लाख रुपये का स्टीमेट भेजा है। शुल्क जमा होने के बाद ही सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जांच पूरी होने तक गुफा बंद रहेगी।

मेले की तैयारी का लिया जायजा

उधर, मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविर के बाद सतना कलेक्टर डा. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने दीपावली मेले की तैयारी के मद्देनजर परिक्रमा पथ, हनुमानधारा और पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग पर विद्युत पोलों में प्लास्टिक पाइप लगाने, ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

खोया-पाया केंद्र और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था पूरी करने के साथ खाद्य पदार्थों की जांच, दुकानों पर वस्तुओं के दाम निर्धारित करने तथा घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का जोर मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित करने पर है।

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