विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चित्रकूट के लालापुर में है महर्षि वाल्मीकि की तपस्थली, जयंती पर होता है खास कार्यक्रम

Published: Fri, 23 Oct 2026 04:12 PM (IST)Updated: Fri, 23 Oct 2026 04:14 PM (IST)

महर्षि वाल्मीकि की तपस्थली लालापुर में 26 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती पर रामायण पाठ, रामलीला और भजन संध्या सहित कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में तमसा गंगा घाट पर वाल्मीकि आरती होगी

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में तमसा गंगा घाट पर वाल्मीकि आरती होगी

HighLights

  1. लालापुर में 26 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती समारोह।

  2. रामायण पाठ, रामलीला और भजन संध्या का आयोजन।

  3. तमसा गंगा घाट पर विशेष वाल्मीकि आरती होगी।

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। महर्षि वाल्मीकि की तपस्थली लालापुर में 26 अक्टूबर को आस्था और भक्ति का संगम देखने को मिलेगा। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर यहां रामायण पाठ, रामलीला मंचन और भजन संध्या सहित विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

तमसा गंगा नदी, जिसे वाल्मीकि नदी भी कहा जाता है, के घाट पर वाल्मीकि आरती भी होगी। जिला प्रशासन की ओर से वृहद आयोजन की तैयारी की जा रही है, जिसमें स्थानीय कलाकारों और श्रद्धालुओं की भागीदारी रहेगी।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा ने बताया कि कार्यक्रमों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ उनकी कालजयी रचना रामायण के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास होगा। मंदिरों और रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों पर दीपदान, रामायण पाठ, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की योजना है।

चिह्नित स्थलों की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को सामने लाने के लिए मंदिरों में 8, 12 या 24 घंटे तक लगातार रामायण पाठ कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। आयोजनों के संचालन के लिए जिला, तहसील और विकासखंड स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति कार्यक्रम स्थलों और कलाकारों का चयन करेगी।

साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा, प्रकाश और ध्वनि व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि की विरासत को सम्मान देने के साथ रामायण के सांस्कृतिक और सामाजिक संदेशों को व्यापक जनभागीदारी तक पहुंचाना है।

लालापुर में प्रस्तावित कार्यक्रम

रामायण पाठ : महर्षि वाल्मीकि की रचना रामायण का पाठ।
रामलीला : रामकथा पर आधारित मंचन।
भजन संध्या : भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां।
लोक भजन : स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम।
वाल्मीकि आरती : तमसा गंगा (वाल्मीकि नदी) के घाट पर आरती।
पूजन-हवन : धार्मिक अनुष्ठान।
लव-कुश प्रसंग : रामायण के लव-कुश प्रसंग पर आधारित कार्यक्रम।