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चित्रकूट में झूठे केस की धमकी से डरे युवक ने लगाई फांसी, परिजनों के हंगामे के बाद 4 पर FIR

By Jagran NewsEdited By: Vivek Shukla
Published: Wed, 30 Sep 2026 12:23 PM (IST)

चित्रकूट में दुष्कर्म के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी से परेशान होकर 20 वर्षीय देवानंद द्विवेदी ने आत्महत्या कर ...और पढ़ें

HighLights

  1. 20 वर्षीय देवानंद द्विवेदी ने चित्रकूट में आत्महत्या की।

  2. दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी मिली थी।

  3. चार आरोपितों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस।

जागरण संवाददाता, चित्रकूट/मानिकपुर। सरैंया चौकी क्षेत्र के गढ़चपा पतेरिया गांव में 20 वर्षीय देवा उर्फ देवानंद द्विवेदी की खुदकुशी के मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया। स्वजन ने गांव के ही कुछ युवकों पर पहले दर्ज मुकदमे के बाद अब दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इसी से परेशान होकर देवा ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी।

घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने आरोपितों पर कार्रवाई की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक शव नहीं उठने दिया। तनाव पर भारी पुलिस बल गांव पहुंचा। बाद में संजय समेत चार युवकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पूर्व प्रधान कल्लू पांडेय ने बताया कि जुलाई में देवा अपने साथी सुधीर यादव के साथ बाइक से ऐंचवारा की ओर जा रहा था। रास्ते में गांव का संजय कुमार ई-रिक्शे से कुछ छात्राओं को कालेज छोड़ने जा रहा था। रास्ते में दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद संजय ने छात्राओं से अश्लील फब्तियां कसने, गालीगलौज और मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी।

पुलिस ने देवा और सुधीर के खिलाफ एससी-एसटी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। स्वजन के अनुसार मुकदमे के बाद देवा डरकर पंजाब चला गया था और तीन दिन पहले ही घर लौटा था। आरोप है कि रविवार को घर लौटते समय संजय और उसके साथियों ने रास्ते में उसे धमकी दी कि पहले एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज कराया है, अब दुष्कर्म के मामले में फंसा देंगे। स्वजन का कहना है कि इससे देवा काफी परेशान था और घर पहुंचने के बाद उसने खुदकुशी कर ली।

मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी और सवर्ण आर्मी के विजय शुक्ला, विनय मिश्रा व बरातीलाल पांडेय समेत अन्य लोग गांव पहुंचे। उन्होंने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का विरोध किया। अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कांत राय और थाना प्रभारी अजीत पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संजय कुमार, शंकर दयाल, प्रेम प्रिंस और विजय के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

धमकी से डरकर युवक ने दी जान, अभी पुलिस नहीं पकड़ पाई आरोपित
सरैंया चौकी क्षेत्र के पतेरिया गांव निवासी 20 वर्षीय देवानंद द्विवेदी उर्फ देवा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई है। शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। स्वजन का आरोप है कि एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से देवानंद डरा हुआ था। घटना से दो दिन पहले गांव लौटने पर उसे दोबारा धमकी मिल रही थी। पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट तो सोमवार को ही दर्ज कर ली थी लेकिन अभी तक उनको गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

देवानंद ने रविवार शाम घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी थी। मंगलवार को सवर्ण आर्मी के पदाधिकारी और अन्य स्वजन उनके घर पहुंचे और पिता रोशनलाल को ढांढस बंधाया। पिता ने बताया कि गांव के ई-रिक्शा चालक संजय और उसके साथियों ने जुलाई में छात्राओं से छेड़खानी के आरोप में उसके साथ मारपीट और धमकी दी थी। इसके बाद उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। डर के कारण परिवार ने उसे जिले से बाहर भेज दिया था। पिता के मुताबिक, घटना से दो दिन पहले देवानंद गांव लौटा तो फिर धमकी दी गई।

स्वजन का कहना है कि दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी को लेकर वह बेहद भयभीत था। थाना प्रभारी अजीत पांडेय ने बताया कि ई-रिक्शा चालक संजय, शंकर, प्रेम और विजय के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपितों की तलाश की जा रही है। मंगलवार को पुलिस उनके घर भी पहुंची, लेकिन कोई नहीं मिला।इस मामले को लेकर सवर्ण आर्मी भी आक्रोशित है जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला कहना है कि लोगों को एससी-एसटी एक्ट में लोगोंं को झूंठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।

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इंटरनेट मीडिया पर भी चर्चा
देवानंद की मौत का मामला इंटरनेट मीडिया पर भी चर्चा में रहा। पोस्टों में घटना को लेकर अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने देवानंद पर लगाए गए पुराने आरोपों का उल्लेख किया, जबकि समर्थकों ने उसके स्वजन के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। कुछ लोग अनुसूचित जाति अभिनियम को लेकर भडास निकाल रहे हैं।

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