चित्रकूट में मिट्टी का टीला धंसा, चाची-भतीजी दबी; ग्रामीणों ने बचाया
चित्रकूट के कहेटा माफी गांव में मिट्टी खोदते समय टीला धंसने से चाची-भतीजी दब गईं। ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य ...और पढ़ें

मंदाकिनी नदी पुल के पास मिट्टी लेने गई थीं दोनों महिलाएं। जागरण
HighLights
चित्रकूट में मिट्टी का टीला धंसने से चाची-भतीजी दबीं।
ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई कर दोनों महिलाओं को सुरक्षित निकाला।
घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी में उपचार जारी है।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। पहाड़ी थाना क्षेत्र के कहेटा माफी गांव में गुरुवार सुबह करीब आठ बजे मिट्टी लेने गईं चाची-भतीजी टीला धंसने से दब गईं। दोनों महिलाएं मंदाकिनी नदी पुल के पास ग्रामीणों की ओर से पहले से खोदी गई गहरी खदान में मिट्टी निकाल रही थीं।
इसी दौरान ऊपर का बड़ा हिस्सा भरभराकर दोनों के ऊपर गिर गया। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी हटाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में दोनों को अंदरूनी चोटें आई हैं और उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी में उपचार चल रहा है।
ग्राम कहेटा माफी के पूर्व प्रधान रामकिशोर की पुत्री और उनके छोटे भाई की पत्नी घर में इस्तेमाल के लिए मिट्टी लेने गई थीं। ग्रामीण महिलाओं ने मंदाकिनी किनारे मिट्टी निकालने के लिए जगह-जगह काफी गहराई तक लंबी सेंध बना रखी थी। दोनों उसी के अंदर बैठकर मिट्टी खोद रही थीं।
मिट्टी का बड़ा टीला उनके ऊपर आ गिरा और दोनों उसमें दब गईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोग ने हाथों से मिट्टी हटाने के साथ अन्य साधनों से बचाव कार्य शुरू किया। काफी प्रयास के बाद दोनों महिलाओं को बाहर निकाला गया।
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थाना प्रभारी निशिकांत राय ने बताया कि घटना सुबह करीब आठ बजे की है। बारिश के दौरान कच्चे मकानों को हुए नुकसान के बाद नवरात्र और त्योहार से पहले ग्रामीण महिलाएं घरों की मरम्मत के लिए मिट्टी लेने मंदाकिनी किनारे जाती हैं। ग्राम प्रधान गोविंद सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने समय रहते दोनों को निकाल लिया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
