चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप, रामघाट डूबा; प्रशासन हाईअलर्ट पर
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे रामघाट का आरती स्थल और दुकानें जलमग्न ...और पढ़ें

मंदाकिनी ने खतरे का निशान पार कर लिया है। जागरण
HighLights
मंदाकिनी नदी चित्रकूट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
रामघाट का आरती स्थल और दुकानें पानी में डूब गईं।
प्रशासन ने शिक्षण संस्थान बंद किए, लोगों को सुरक्षित रहने की अपील।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। 29 अगस्त की रिकार्ड बाढ़ के बाद एक बार फिर मंदाकिनी ने खतरे का निशान पार कर लिया है। लगातार तीसरे दिन हो रही बारिश के बीच शुक्रवार रात 12 बजे रामघाट में नदी का जलस्तर 127.200 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 126.500 मीटर से 70 सेंटीमीटर ऊपर है। भोर साढ़े तीन बजे तक जलस्तर स्थिर रहा, इसके बाद धीरे-धीरे घटने लगा। शनिवार सुबह आठ बजे जलस्तर 126.850 मीटर दर्ज किया गया। पानी घटने के बावजूद रामघाट का आरती स्थल और घाट की सीढ़ियां डूबी हैं तथा दुकानों में पानी पहुंच गया है।
बाढ़ को देखते हुए रामघाट और आरोग्यधाम में बैरिकेड कर आवागमन रोक दिया गया है। गुप्त गोदावरी में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। गुफा से तेज और विकराल जलधारा निकल रही है। उधर बरदहा नदी के उफान से मानिकपुर-सतना मार्ग पर टिकरिया का रपटा बह गया है। प्रशासन ने बैरिकेड कर आवागमन रोक दिया है।
बांधों में भी बढ़ा पानी
लगातार बारिश का असर बांधों पर भी दिख रहा है। रसिन बांध का जलस्तर 141.80 मीटर और भराव 91.16 प्रतिशत पहुंच गया है। यहां स्पिल-वे से 1400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गुंता बांध 87.34 प्रतिशत और ओहन 83.87 प्रतिशत भरा है। बरुआ बांध 84.56 प्रतिशत भर चुका है, हालांकि फिलहाल उसके सभी गेट बंद हैं।

गुप्त गोदावरी में बढ़ा जलस्तर। जागरण
कच्चे मकानों और नदी किनारे रहने वालों को चेतावनी
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने अत्यधिक बारिश को देखते हुए कच्चे और क्षतिग्रस्त मकानों में रहने वाले लोगों तथा पहाड़ और नदी किनारे बसे परिवारों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। पंचायत भवन और विद्यालयों को सुरक्षित स्थान के रूप में उपयोग करने को कहा गया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
आज सभी शिक्षण संस्थान बंद
लगातार बारिश और मौसम की चेतावनी को देखते हुए चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त अजीत कुमार ने शनिवार को मंडल के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों व अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को जिला व तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत-बचाव शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अभी थमी नहीं बारिश, इसलिए खतरा बरकरार
सुबह मंदाकिनी के जलस्तर में गिरावट जरूर शुरू हुई है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। साथ ही जिले और मध्य प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में बारिश जारी रहने से जलस्तर दोबारा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों, रपटों और तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने तथा मौसम और आपदा संबंधी सूचनाओं के लिए केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों पर भरोसा करने की अपील की है।
