सिर पर गमछा और लोअर टी-शर्ट... भेष बदलकर खाद मंडी पहुंचे चित्रकूट के जिला कृषि अधिकारी
चित्रकूट के जिला कृषि अधिकारी आरके वर्मा ने किसानों की नैनो यूरिया और डीएपी जबरन देने की शिकायत की जांच की।

केंद्र में गमछा से चेहरा ढ़ककर बैठे जिला कृषि अधिकारी आरके वर्मा व पास में खड़ा किसान
HighLights
जिला कृषि अधिकारी ने आम किसान बनकर की जांच।
नैनो यूरिया और डीएपी जबरन देने की शिकायतें।
किसानों से सीधे बात कर जानी हकीकत।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। खाद वितरण में किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जबरन देने की शिकायत की हकीकत जानने के लिए जिला कृषि अधिकारी ने शनिवार को अनूठा तरीका अपनाया।
टी-शर्ट और लोअर पहनकर सिर पर गमछा बांधे जिला कृषि अधिकारी आरके वर्मा आम किसान की तरह गल्ला मंडी स्थित आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र पहुंचे। करीब तीन घंटे तक किसानों के बीच रहकर उन्होंने खाद वितरण की स्थिति देखी और किसानों से बातचीत कर जानकारी जुटाई।
जिला कृषि अधिकारी ने काउंटर के पास खड़े होकर खाद वितरण के दौरान केंद्र प्रभारी और किसानों के बीच हुई बातचीत भी सुनी। उनका उद्देश्य यह जानना था कि डीएपी की बोरी के साथ नैनो यूरिया और नैनो डीएपी लेने के लिए किसानों पर दबाव तो नहीं बनाया जा रहा है।
शिकायतों की वास्तविकता परखने पहुंचे थे कृषि अधिकारी
जांच के दौरान किसी किसान को जबरन अतिरिक्त उत्पाद दिए जाने का मामला सामने नहीं आया। गौरतलब है कि इससे पहले केंद्र पर नैनो उत्पाद जबरन देने के आरोप को लेकर किसानों ने हंगामा किया था।
भारतीय किसान यूनियन ने भी विरोध जताया था। दैनिक जागरण ने शनिवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद शिकायतों की वास्तविकता परखने के लिए जिला कृषि अधिकारी खुद केंद्र पहुंचे।
आरके वर्मा ने स्पष्ट किया कि जांच का उद्देश्य मौके पर स्थिति देखना और किसानों से सीधे जानकारी लेना था। यदि किसी किसान को खाद के साथ जबरन अन्य उत्पाद थमाते हुए पाया गया तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
