VIDEO: गंगा तट पर गूंजी कैप्टन स्मित मच्छर की गौरव गाथा, 'छोटी काशी' में गंगा आरती के दौरान शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना
Captain Smit Machhar: बुलंदशहर के अनूपशहर में गंगा तट पर कैप्टन स्मित मच्छर के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए गंगा ...और पढ़ें
HighLights
छोटी काशी के नाम से विख्यात है धार्मिक नगरी अनूपशहर।
कैप्टन स्मित मच्छर के शौर्य से प्रेरणा लेने का किया आह्वान।
संवाद सूत्र, अनूपशहर (बुलंदशहर)। अपनी जान की परवाह किए बिना हवाई जहाज के 174 यात्रियों की जिंदगी बचाने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की कुशलता के लिए उनका फोटो लेकर छोटी काशी के गंगा तट पर भव्य आरती के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।
सोमवार शाम जाह्नवी प्लेटफार्म पर नियमित होने वाली मां गंगा की आरती में भारतीय वीर सपूत कैप्टन स्मित मच्छर के स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। पतित पावनी मां गंगा के तट पर छोटी काशी के नाम से विख्यात धार्मिक नगरी अनूपशहर में नियमित रूप से गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में भव्य आरती का आयोजन किया जाता है।
पूरे देश को कैप्टन स्मित के शौर्य पर गर्व: पालीवाल
गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष अखिलेश पालीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि फ्लाई दुबई एयरलाइंस में जहाज उड़ा रहे भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने अपनी जान की परवाह किए बिना संघर्ष करते हुए 174 हवाई यात्रियों की जान बचाकर पूरे संसार में भारत की गौरव गाथा का स्मरण करा दिया है। उन्होंने लोगों ने उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कहा कि पूरे भारतवर्ष को उनके शौर्य पर गर्व है। वह घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए मां गंगा की विशेष प्रार्थना की गई। सभी से आह्वान किया गया कि वह स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होकर परिवार में लौटने की ईश्वर से कामना करें।
लाउडस्पीकर सिस्टम के माध्यम से पूरे नगर में पहुंचती है गंगा आरती
अनूपशहर नगर में गंगा तट पर बना जाहन्वीद्वार प्लेटफार्म लगभग 22 वर्ष पूर्व नगर पालिका परिषद द्वारा बनाया गया था। इस स्थान पर होने वाली नियमित आरती की ध्वनि लाउडस्पीकर सिस्टम के माध्यम से पूरे नगर में पहुंचती है।
पालिका के साउंड सिस्टम बिजली के पोल पर लगे हुए हैं। जिससे हर व्यक्ति को यहां से संदेश जाता है। स्मित मच्छर का नाम सुनकर नगर में प्रत्येक व्यक्ति ने गर्व का अनुभव किया। सभी ने उनके लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इस मौके पर महेश चंद शर्मा, दीपक शर्मा, डा. केपी सिंह, चंद्रपाल प्रजापति, चंद्रकांत वार्ष्णेय, दिनेश चंद्र शर्मा, राजवीर शर्मा, राजाराम शर्मा, सतीश चंद्र सिंघल, पदमचंद जिंदल, ओमवीर सिंह लोधी, मुकेश आढ़ती, गोपाल प्रजापति आदि मौजूद रहे।
