यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिजनौर में बालावाली पुलिस चौकी इंचार्ज की गला काटकर हत्या
बिजनौर में बेखौफ बदमाशों ने बालावाली चौकी इंचार्ज सहजोर सिंह की गला काटकर हत्या कर दी और सर्विस पिस्टल लूट ली।

बिजनौर (जेएनएन)। बेखौफ बदमाशों ने बिजनौर के चंदक में बालावाली चौकी इंचार्ज सहजोर सिंह की कल देर रात गला काटकर हत्या कर दी और सर्विस पिस्टल लूट ली। बदमाश शव सड़क किनारे खेत में फेंक गए। हत्या के पीछे खनन माफिया के हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने इलाके की खाक छान रही है।
उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड सीमा पर गंगा किनारे मंडावर थाने की बालावाली पुलिस चौकी पर करीब एक वर्ष से दारोगा सहजोर सिंह मलिक प्रभारी थे। कल रात वह बाइक से मंडावर थाने से 20 किमी दूरी स्थित बालावाली पुलिस चौकी जा रहे थे। गोपालपुर गांव से कुछ दूर बंद पड़ी कांच की फैक्ट्री के समीप बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी।

रास्ते से जा रहे एक युवक ने मार्ग पर बाइक खड़ी होने की सूचना गोपालपुर में दी तो ग्रामीणों ने पुलिस को बताया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शव सड़क किनारे खेत में पड़ा था। गर्दन व अंगुली कटी हुई थी। शरीर पर चोट के कई निशान थे और सरकारी पिस्टल गायब थी। अंदेशा है कि मौत से पहले दारोगा से मारपीट व हाथापाई हुई।
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डीएम जगतराज तथा एसपी अतुल शर्मा कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। सहजोर सिंह मलिक चौकी पर बने आवास में ही रहते थे। उनका परिवार मेरठ के कंकडखेड़ा में बाईपास पर रहता है। सहजोर सिंह मूलत: शामली के लिसाढ़ गांव के रहने वाले थे। उनका परिवार मेरठ के कंकरखेड़ा में रहता है।
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भाई अन्य परिवार के लोगों के साथ बिजनौर रवाना हो गए। बूढ़े पिता व अन्य परिवार के लोगों का बुरा हाल है। एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि दरोगा की हत्या और पिस्टल गायब होने की जांच की जा रही है।
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जहां हत्या हुई वह खादर का इलाका थाने से लगभग 8 किमी दूर है। इसके पास ही बालावाली गंगा पुल बिजनौर और हरिद्वार को जोड़ने वाला पुल है। अंग्रेजों के जमाने के इस पुल पर बस और ट्रक को छोड़कर बाकी वाहनों के लिए यातायात कुछ समय पूर्व ही शुरू किया गया है। गंगा के रेत का खनन यहां से होता है। आशंका है कि हत्या के पीछे खनन माफिया का हाथ हो सकता है।
