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बिजनौर में बढ रहा काला पीलिया: इस बार दोगुने हुए मरीज, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

Published: Sat, 07 Nov 2026 10:23 AM (GMT+05:30)

बिजनौर में काला पीलिया (हेपेटाइटिस सी) के मामले इस साल दोगुने से अधिक हो गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. बिजनौर में काला पीलिया के मरीज इस साल दोगुने हुए।

  2. दूषित पानी मुख्य कारण, स्वास्थ्य विभाग चिंतित और सतर्क।

  3. निःशुल्क जांच व दवा उपलब्ध, 2030 तक उन्मूलन लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। जनपद में इस साल काला पीलिया (हेपेटाइटिस सी) घातक हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के लिए बीमारी यह एक चुनौती बन रही है। पिछले साल के मुकाबले इस बार काला पीलिया के मरीज दोगुने से अधिक हो गए हैं। 2025 में मेडिकल अस्पताल में 2,000 हजार मरीज पंजीकृत हुए थे। इस साल अब तक 4,600 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। हर रोज 16 से अधिक मरीज सरकारी सेंटरों पर आ रहे हैं। लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या से चिकित्सक भी हैरान है।
जिले में इस समय काला पीलिया पैर पसार रहा है।

बढ़ते मरीजों को लेकर चिंता में चिकित्सक

लगातार काला पीलिया के मरीज मेडिकल अस्पताल और सरकारी सेंटर पर पहुंच रहे हैं। इस साल पंजीकृत रोगियों की संख्या को देखकर चिकित्सक व स्वास्थ्य विभाग भी हैरान है। अब तक मेडिकल अस्पताल में 4,600 रोगी पंजीकृत हुए हैं। उपचार के बाद ठीक हो गए और 500 के करीब का उपचार चल रहा है। ज्यादातर मरीज ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले हैं। अधिकांश कारण दूषित पानी का होना बताया जा रहा है। पड़ताल में कई अन्य कारण भी हैं।

सावधानी बरतने की सलाह

उधर, मेडिकल अस्पताल के अलावा नहटौर व धामपुर में भी हेपेटाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर खोले गए हैं। मेडिकल अस्पताल में हेपेटाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर है और यहां पर रोगी पंजीकृत हो रहे हैं। यहां नि:शुल्क जांच से लेकर महंगी दवाएं तक मुफ्त देकर उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अस्पताल में काला पीलिया की दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। दवाईयों का स्टॉक है।

2030 तक है बीमारी के खात्मे का लक्ष्य

2030 तक हेपेटाइटिस के खात्मे का लक्ष्य रखा गया है। करीब 60 हजार लोगों के नमूनों की जांच में 4600 हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव रोगी पाए गए। करीब 16 मरीज हर रोज सरकारी सेंटरों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि हेपेटाइटिस बी के रोगी काफी कम हैं।

काला पीलिया का कारण

  • दूषित पानी का सेवन करें।
  • बिना जांच के खून चढ़वाना
  • असुरक्षित यौन संबंध बनाना
  • दूषित सुई या सिरिंज का इस्तेमाल करना
  • संक्रमित गर्भवती महिला से बच्चे को वायरस मिलना
  • नशे का सेवन करना
  • ज्यादा मीठी और नमकीन चीज़ें खाना

काला पीलिया का बचाव व उपचार

  1. साफ और उबला हुआ पानी पिएं
  2. खून चढ़ाने से पहले पीलिया या अन्य बीमारी की जांच कराएं
  3. छोलाछाप से इलाज कराने से बचें।
  4. शराब, धूम्रपान, और तली-भुनी या भारी मसालेदार चीजों से परहेज करें
  5. रोगी को हल्का और संतुलित आहार लेना चाहिए 

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हेपोटाइटिस रोगियों की संख्या इस साल बढ़ी हैं। रोगियों को उपचार कराया जा रहा है। मरीजों,तीमारदारों और अन्य लोगों को जागरूक किया जा रहा है। रोगियों को बढ़ने की एक वजह जांच का दायरा भी बढ़ना है।

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डॉ. राजेश कुमार डाबरे, वरिष्ठ फिजिशियन

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