विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे: क‍िसानों ने भूम‍ि का सर्किल रेट 100 गुना बढ़ाने की उठाई मांग, समस्याओं को लेकर DM बि‍जनौर से मि‍ले

By Sachin Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 17 Sep 2026 06:25 AM (IST)

Ganga Expressway: बिजनौर में भाकियू पदाधिकारियों ने गंगा एक्सप्रेसवे से संबंधित समस्याओं को लेकर डीएम से मुलाकात की।

प्रतीकात्‍मक फोटो

प्रतीकात्‍मक फोटो

HighLights

  1. किसानों ने उपजाऊ भूमि के सर्किल रेट 100 गुना बढ़ाने की मांग की।

  2. भूमि अधिग्रहण बिल अनुसार मुआवजे और टोल मुनाफे में हिस्सेदारी मांगी।

संवाद सहयोगी, चांदपुर (बिजनौर)। जिले से होकर निकलने वाले गंगा एक्सप्रेसवे से संबंधित समस्याओं को लेकर भाकियू देहात के पदाधिकारी डीएम से मिले। उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की।

बुधवार को संगठन के पदाधिकारी रोहित चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता डीएम जसजीत कौर से मिले। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए बिजनौर जिले में उपजाऊ जमीन को लिया जा रहा है। जमीनों का अधिग्रहण होने से क्षेत्र को नुकसान है। कृषि भूमि का सर्किल रेट काफी कम है।

मांग उठाई कि जमीनों का सर्किल रेट 100 गुना बढ़ाया जाए। उसके बाद भूमि अधिग्रहण बिल 2013 के कानून के अनुसार सर्किल रेट का चार गुना प्लस समेत अन्य चार्ज मिलकर मुआवजा दिया जाए। मांग की कि जिस प्रकार सरकार को टोल से मुनाफा होता है, उसमें किसानों की भी हिस्सेदारी रखी जाए।

इस अवसर पर सरदार कुलदीप, अरुण कुमार, अमित कुमार, विनीत कुमार, दीपेंद्र सिंह, विनीत कुमार, भूपेंद्र, राजेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें- बिजनौर: घर के आंगन में घुसा गुलदार, पति-पत्नी की मुश्किल से बची जान; अन्य स्थान पर पशुशाला में घुसकर बछड़े को मार डाला

गोष्ठी का आयोजन

बिजनौर: विश्व ओजोन दिवस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय धर्मनगरी में गोष्ठी आयोजित हुई। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुनील यश ने कहा कि ओजोन परत का लगातार क्षरण हो रहा है। पेड़-पौधों के काटने और कार्बन डाइ आक्साइड व अन्य गैसों का उत्सर्जन ओजोन परत को हानि पहुंचा रहा है।

यह भी पढ़ें- VIDEO: मालिक को बचाने को गुलदार से भिड़ा कुत्ता, इससे गुलदार पेड़ पर जा बैठा, 2 घंटे बाद दूसरे किसान को हमला कर किया घायल

उन्होंने कहा कि कचरे का उचित प्रकार से प्रबंधन न होना भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। कहा कि कई तरीके से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर काम किया जा सकता है। छात्राओं से पौधारोपण कर पौधों के संरक्षण का आह्वान किया गया।

यह भी पढ़ें- 15 दिन में 3.26 लाख क्विंटल चीनी बेचेंगी बिजनौर की मिलें, कोटा बढ़ने से रेट स्थिर रखने में मदद मिलने की आस