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SP बिजनौर का मास्टर स्ट्रोक: न फर्जी शिकायत, न थानों के चक्कर; फरियादी को मिली 'भरोसे की पर्ची' से हाेगा एक्शन 

By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 29 Aug 2026 05:53 PM (IST)

Bijnor News: एसपी बिजनौर ने शिकायतों के पारदर्शी निस्तारण और जनता का विश्वास जीतने के लिए 'भरोसे की पर्ची' प्रणाली शुरू की है।

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HighLights

  1. शिकायतकर्ता का एसपी कार्यालय पर खींचा जाएगा फोटो

  2. फर्जी नाम से शिकायत रोकने के लिए रिकार्ड में रहेगा फोटो

जागरण संवाददाता, बिजनौर। फरियादी की समस्या निगरानी और निस्तारण को पारदर्शी बनाने के लिए एसपी ने ‘भरोसे की पर्ची’ शुरू की है। पर्ची के साथ फरियादी का फोटो भी संलग्न किया जाएगा। भरोसा पर्ची के दौरान फरियादी का पूरा विवरण और समस्याएं लिखी जाएगी। एक पर्ची पुलिस के पास होगी तो जबकि दूसरी फरियादी कि दी जाएगी।

पर्ची पर यह भी दर्ज किया जाएगा कि फरियादी कितनी बार कहां और कब आया है। दो से तीन दिन में समस्या का निस्तारण किया जाएगा। फोटो होने से पता चल सकेगा कोई फर्जी नाम से शिकायत तो नहीं कर रहा है। इसका पूरा रिकार्ड कंप्यूटर में भी दर्ज रहेगा।

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नाई ने समस्या और निस्तारण को पारदर्शी बनाने के लिए भरोसा पर्ची शुरू की है। यह पहल शुरू करना का मुख्य मकसद सुनवाई में जनता में जनसुनवाई का विश्वास कायम करना और उनकी शिकायतों का जल्दी निपटारा करना है। इसके तहत एसपी कार्यालय पर शिकायत करने वालों को कंप्यूटरराइज्ड ‘भरोसे की पर्ची’ दी जा रही है।

पर्ची के साथ विश्वास दिलाया जाएगा कि उनकी समस्या का दो से तीन दिन में समाधान होगा। एक पर्ची शिकायतकर्ता को दी जाएगी, जबकि उसका एक हिस्सा पुलिस के पास रहेगा। इस दौरान मौके पर पर ही शिकायकर्ता का फोटो भी खींचा जाएगा। जिससे कंप्यूटर में सुरक्षित रखा जाएगा। जब कभी भी पीड़ित दोबारा पुलिस के पास आएगा।

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इस दौरान मिलान कराया जाएगा कि वह कब आया है। या कोई फर्जी नाम से तो शिकायत करने नहीं आ गया है। इस रिकार्ड रखने से फर्जी शिकायतों पर अंकुश लगेगा। पर्ची में व्यक्ति का पूरा बाॅयाेडाटा, आने और शिकायत का समय, समस्या और कहा-कहां इससे पहले अपने शिकायत दर्ज की है। कौन से पटल पर पहले शिकायत कर चुका है। इसका भी विवरण दर्ज रहेगा। इससे थानों में जनसुनवाई की भी सत्यता का पता चल पाएगा। जनसुनवाई में फिसड्डी साबित होने वाले थानेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

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जनसुनवाई को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए भरोसे की पर्ची शुरू की गई है। पीड़िता का पूरा रिकार्ड पुलिस के पास रहेगा। शिकायत के दौरान उसका फोटो का रिकार्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा। इससे पता चल सके कि शिकायत करने वाला व्यक्ति वास्तविक है या नहीं। इससे फर्जी नाम से शिकायतों पर भी अंकुश लगेगा। 
-कृष्ण कुमार बिश्नाई, एसपी

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