बिजनौर में कृषि केंद्रों पर पहुंचा गेहूं बीज, किसानों को हाथोंहाथ 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगा
बिजनौर में कृषि विभाग के केंद्रों पर गेहूं और रबी की अन्य फसलों के बीज उपलब्ध हो गए हैं। किसानों ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
कृषि केंद्रों पर गेहूं और रबी फसलों के बीज उपलब्ध।
किसानों को सभी बीजों पर 50% अनुदान मिलेगा।
नवंबर से चीनी मिलें चलने पर गेहूं की बुवाई तेज होगी।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। कृषि विभाग के केंद्रों पर गेहूं व रबी सीजन की अन्य फसलों का बीज पहुंच गया है। किसानों को बीज दिया जाने लगा है। सभी बीजों पर किसानों को हाथोंहाथ 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। यानी किसानों को निर्धारित दाम की केवल आधी कीमत देनी होगी। चीनी मिल चलने पर गेहूं की बुआई में तेजी आएगी।
रबी सीजन में गेहूं, सरसों, चना, मटर, अलसी आदि की बुआई होती है। गेहूं इनमें सबसे प्रमुख फसल है। जिले में गेहूं का रकबा गन्ने के बाद सबसे अधिक रहता है। लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर भूमि में गन्ने की फसल बोई जाती है। गेहूं की बुआई मुख्य रूप से गन्ने के खेतों के खाली होने के बाद होती है।
नवंबर से गेहूं की बुआई होगी तेज
इस वर्ष चीनी मिलों में अक्टूबर में पेराई होने की संभावना थी जो बरसात की वजह से नवंबर में जा पहुंची है। हालांकि कोल्हू चलने से खेत लगातार खाली हो रहे हैं। नवंबर के पहले सप्ताह से पेराई शुरू होने से गेहूं की बुआई तेजी से होगी। कृषि विभाग ने गेहूं समेत बाकी फसलों का बीज सरकारी केंद्रों पर आ चुका है।
किसान को पिछले वर्ष गेहूं का साढ़े आठ हजार क्विंटल बीज दिया गया था। इस वर्ष किसानों को 14 हजार क्विंटल बीज दिया जाएगा। गेहूं के दाम अधिक होने के कारण उम्मीद है कि किसान काफी बुआई करेंगे। आधारीय और प्रमाणित दोनों बीज दिए जाएंगे।
रबी सीजन के फसलों के दाम
| क्र. | फसल | आधारीय (₹) | प्रमाणित (₹) |
| 1 | गेहूं | 4,991 | 4,738 |
| 2 | चना | 10,050 | 9,500 |
| 3 | मटर | 8,177 | 7,670 |
| 4 | सरसों | 13,181 | 12,854 |
| 5 | अलसी | 11,828 | 11,528 |
नोट: बीजों के दाम प्रति क्विंटल में हैं। इन पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान हाथों हाथ मिलता है। यानी उन्हें केवल आधी कीमत ही देनी होती है।
गेहूं व रबी सीजन की अन्य फसलों का बीज किसानों को दिया जाने लगा है। कुछ प्रजाति का बीज किसानों को पहली बार दिया जा रहा है। किसान उन्नत प्रजाति का बीज बोकर फसलों की पैदावार बढ़ाएं।
-जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी
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