अमानगढ़ की दबंग चार नंबरी बाघिन का कार्बेट तक राज, दहाड़ सुनकर दूसरी बाघिनें करती हैं सलाम
अमानगढ़ और कार्बेट टाइगर रिजर्व में चार नंबरी बाघिन का दबदबा है, जो अपनी टेरेटरी में अन्य बाघिनों पर राज करती है।

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में वाटर होल पर पानी पीती चार नंबरी बाघिन। सौजन्य: वन विभाग।
HighLights
चार नंबरी बाघिन अमानगढ़ और कार्बेट टाइगर रिजर्व में राज करती है।
इसके माथे पर '4' जैसी धारियों से होती है विशेष पहचान।
अन्य बाघिनें इसके शावकों पर हमला करने की हिम्मत नहीं करतीं।
अजीत चौधरी, बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की चार नंबरी बाघिन का कार्बेट टाइगर रिजर्व में भी राज चलता है। यह दूसरी बाघिन के इलाकों में भी जाती है, लेकिन इसके सामने कोई बाघिन विरोध जताने या इसके शावकों पर हमला करने की हिम्मत नहीं करती है। अमानगढ़ में लगभग 15 वर्ग किलोमीटर में चार नंबर वाली बाघिन का राज चलता है। दोनों वन क्षेत्रों के वन विभाग के कर्मचारियों को यह लगातार घूमती हुई दिखती है।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में रायल बंगाल टाइगर का राज चलता है। 2023 की गणना के अनुसार यहां 32 बाघ हैं। बाघों के अलावा यहां पर हाथी, गुलदार, लकड़बग्घा, गिद्ध, हिरन आदि हैं। इस समय यहां चार नंबरी बाघिन अपनी कहानी लिखवा रही है। आमतौर पर एक बाघ की टेरेटरी में दो या तीन बाघिन रहती हैं।
बाघ इन पर हमला नहीं करता है और अपनी टेरेटरी में आराम से घूमता है, लेकिन बाघिनों में एक-दूसरे के लिए बहुत प्रतिस्पर्धा रहती है, जैसे कि बाघों की आपस में रहती है। आमतौर पर बाघिन एक-दूसरे हमला करने पर पीछे नहीं हटती हैं, लेकिन चार नंबरी बाघिन पर हमला करने की कोई हिम्मत नहीं करती।
केवल अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में ही चार नंबरी बाघिन लगभग 15 वर्ग किलोमीटर में घूमती है। एक तरह से यह कहा जा सकता है कि चार नंबरी बाघिन अमानगढ़ की सबसे दबंग बाघिन है। अमानगढ़ ही नहीं यह बाघिन कार्बेट टाइगर रिजर्व में भी बड़े काफी हिस्से में घूमती है।
ऐसे होती है बाघों की पहचान
रेंजर अंकिता किशोर के अनुसार बाघों की पहचान शरीर ले आकार, लिंग और उनके शरीर पर बनीं धारियों से होती है। अमानगढ़ में झिरना इलाके में घूमने वाली बाघिन के माथे पर बाईं ओर बनने वाली धारियां देखने पर ऐसा लगता है जैसे अंग्रेजी का चार नंबर लिखा हो। इसलिए इसे चार नंबरी बाघिन कहा जाता है। इसके साथ दो अल्पवयस्क शावक भी रहते हैं।
अमानगढ़ में रायल बंगाल टाइगर पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करते हैं। यहां एक बाघिन है, जिसके माथे के पास अंग्रेजी भाषा के शब्द चार जैसी आकृति बनी है। इसलिए इसे चार नंबर वाली बाघिन कहते हैं। यह अमानगढ़ के बड़े हिस्से के साथ ही कार्बेट टाइगर रिजर्व में भी घूमती है।
-जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ
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