अमानगढ़ जंगल सफारी के शीतकालीन सत्र की हुई शुरुआत, देखें कितना लगेगा किराया और क्या होगा रूट
बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है, जो जून 2027 तक चलेगा।

रेहड़ में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की जिप्सियों के आगे से निकलता हाथी
HighLights
अमानगढ़ जंगल सफारी का शीतकालीन सत्र शुरू।
पर्यटक जून 2027 तक उठा सकेंगे आनंद।
जिप्सी किराया, समय और रूट की जानकारी।
संवाद सूत्र, बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व वन रेंज में जंगल सफारी के शीतकालीन सत्र की शुरुआत आज(रविवार) से होगी। पिछले काफी समय से विभाग इसकी तैयारियों में जुटा हुआ था, अब पर्यटक जून 2027 तक इसका आनंद ले सकेंगे। रविवार काे मुख्य अतिथि के रूप में मुरादाबाद कमिश्नर संगीता सिंह व डीआईजी मुनीराजजी शीतकालीन सत्र का उद्घाटन करेंगे।
अमानगढ़ में जंगल सफारी की वर्ष 2022 में शुरू की गई थी। तभी से अमानगढ़ रेंज ना केवल जिला बिजनौर में स्थानीय व अन्य प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, बल्कि विदेशी पर्यटक भी यहां जंगल सफारी का आनंद लेने आते हैं। हर वर्ष जून में मानसून शुरू होने के चलते जंगल सफारी को रोक लिया दिया जाता है, जिसके बाद नवंबर में शीतकालीन सत्र की शुरुआत होती है।

इस बार भी विभाग के अधिकारियों के साथ पर्यटकों को भी इसकी शुरुआत का इंतजार था। वन क्षेत्राधिकारी अंकिता किशोर ने बताया कि रविवार से जंगल सफारी के सत्र की शुरुआत हो रही है। मुख्य अतिथियों के अलावा जिले के डीएम, एसपी समेत वन विभाग के वन संरक्षक मुरादाबाद, डीएफओ व अन्य अधिकारी उद्घाटन में शामिल होंगे। इस दौरान कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
कैफिटेरिया में पर्यटकों को मिलेगी सुविधा
अमानगढ़ में जंगल सफारी के दौरान आने वाले पर्यटकों के लिए दो स्थानों पर खाने-पीने की व्यवस्थाएं की गई हैं। पहली व्यवस्था रेंज के केहरीपुर कैंप कार्यालय में खुले कैफिटेरिया में मिलेगी, यहां से जंगल सफारी शुरू होती है। इसके बाद जंगल सफारी के अंतिम बिंदु झिरना गेट पर भी कैंटीन संचालित है। कैफिटेरिया और कैंटिन में पर्यटकों को चाय व नाश्ते की सुविधा है। बच्चों के लिए टाफी, चाकलेट, पैकिट बंद नाश्ता, कोल्ड ड्रिंक, समोसा आदि की सुविधा है।
दो पाली में चलेंगी दस जिप्सी, यह होगा किराया
वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि जंगल सफारी में सुबह-शाम दो पालियों में पांच-पांच जिप्सियां चलेंगी। सत्र शुरू होने के बाद पर्यटकों की संख्या या आवश्यकता के अनुसार जिप्सियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। पर्यटकों को प्रवेश द्वार से झीरना गेट तक ले जाया जाता है। इस बीच पड़ने वाले तीन वाटर होल पर भी जिप्सी जाती है।
वहां वन्यजीवों का पानी पीते हुए दिखना बहुत आम होता है। प्रवेश द्वार से झीरना गेट की एक ओर की दूरी 16 किलोमीटर है। यानि पर्यटक लगभग 32 किलाेमीटर तक अमानगढ़ में घूमते हैं। इसमें लगभग तीन से साढ़े तीन घंटे का समय लगता है।
किराया
- 2,280 रुपये है जिप्सी शुल्क
- 400 रुपये है गाइड के
- 300 रुपये प्रवेश शुल्क प्रति वाहन
- 100 रुपये प्रति व्यक्ति प्रवेश चार्ज (भारतीय)
- 600 रुपये प्रति व्यक्ति प्रवेश चार्ज (विदेशी)
प्रवेश का समय
- सुबह : 6 से साढ़े 10 बजे तक।
- शाम : दोपहर 2 बजे से साढ़े 5 बजे तक(सूर्यास्त तक)।
मेरठ से कैसे पहुंचे अमानगढ़
मेरठ से रेहड़ के अमानगढ़ रेंज पहुंचे के लिए पर्यटक दो रूट अपना सकते हैं। जिसमें पहला रूट मेरठ, बिजनौर व धामपुर होते हुए रेहड़ है। जबकि दूसरा रूट मेरठ, मवाना, हस्तिनापुर व चांदपुर से धामपुर होते हुए रेहड़ का है। हालांकि मेरठ, बिजनौर धामपुर वाला रूट थोड़ा बड़ा पड़ता है, जबकि चांदपुर वाले रूट पर कम दूरी है।
पहला रूट: मेरठ- मवाना- गणेशपुर- हस्तिनापुर की ओर से गंगा के पुल होते हुए जलीलपुर, चांदपुर से नूरपुर- धामपुर- अफजलगढ़ व रेहड़। (लगभग 137 किलोमीटर)
दूसरा रूट। मेरठ से बिजनौर, नहटौर, धामपुर, यहां से हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे होते हुए शेरकोट, भूतपुरी, अफजलगढ़ व रेहड़। (लगभग 160 किलोमीटर)
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