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अमानगढ़ में 1 नवंबर से शुरू होगा जंगल सफारी का रोमांच, नए अंदाज में पर्यटकों का स्वागत करेगा टाइगर रिजर्व

Published: Thu, 17 Sep 2026 10:14 PM (IST)

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से जंगल सफारी फिर से शुरू हो रही है, जहां पर्यटक बाघ, हाथी और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से जंगल सफारी शुरू होगी।

  2. पर्यटक बाघ, हाथी, गुलदार और अन्य वन्यजीव देख सकेंगे।

  3. सफारी के लिए रास्तों की मरम्मत और व्यू लाइन साफ होगी।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में एक नवंबर से जंगल सफारी फिर से शुरू होने जा रही है। देश-विदेश के पर्यटक फिर से प्रकृ़ति के सुंदर नजारों की सैर करेंगे। बाघ को आराम करते हुए देखेंगे तो हाथी की चिंघाड़ सुनेंगे। गुलदार, भालू और हिरनों के झुंड को अपनी आंखों के सामने पेड़ों के बीच ओझल होता हुआ देखेंगे। अभी अमानगढ़ में पुराने रूट से ही पर्यटकों को घुमाया जाएगा।

कार्बेट टाइगर रिवर्ज से जुड़े अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में प्रकृति के अनगिनत सुंदर नजारे बसते हैं। यहां रायल बंगाइ टाइगर, हाथी, गुलदार, भालू यहां तक कि लकड़बग्घा और गिद्धों के झुंड तक हैं। बाघ और हाथियों के लिए विख्यात अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पक्षियों की 177 से अधिक प्रजाति हैं।

बरसात की आमद होने पर 15 जून को वनों में जंगल सफारी बंद हो जाती है और 15 नवंबर से शुरू होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बरसात में जगह जगह पानी की तेज धारा से रास्तों की मिट्टी कट जाती है। अगर ऐसे में कहीं पर्यटकों की जीप फंस जाए और वन्यजीवों का झुंड आ जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। आमतौर पर सितंबर में ही बरसात रूक जाती है या कम हो जाती है।

इसके बाद रास्तों की मरम्मत कराई जाती है। इस बार वन विभाग द्वारा एक नवंबर से ही पर्यटन का आगाज कराया जा रहा है। एक नवंबर से जिप्सी अमानगढ़ में पर्यटकों को लेकर जाने लगेगी। पर्यटकों के लिए दस जिप्सी चलाई जाएंगी।

अमानगढ़ में घूमने का समय सुबह छह से साढ़े दस और शाम को दो से साढ़े पांच रहता है। जंगल सफारी लगभग तीन से साढ़े तीन घंटे में पूरी होती है। पर्यटक पहले रेंज कार्यालय में नाश्ता कर सकते हैं। झीरना गेट के पास भी वन विभाग की कैंटीन है।

शंकर है सबसे बड़ा बाघ

वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर एआर रहमान ने जंगल सफारी के रास्ते में दिखने वाले बाघों के नाम भी रखे हैं। इनके नाम शंकर, बाहुबली, मोहिनी, रानी, पूजा और शेरा रखे हैं। शंकर यहां जंगल सफारी के रास्ते में दिखाई देने वाला सबसे बड़े आकार का बाघ है।

जल्दी शुरू होगा काम

रेंजर अंकिता किशोर के अनुसार अमानगढ़ में बरसात से कटे रास्तों की मरम्मत का काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा। साथ ही रास्तों के दोनों ओर उगी झाड़ियों को हटाकर व्यू लाइन साफ की जाएगी। इससे पर्यटकों को पेड़ों के बीच दूर तक वन्यजीव और वन संपदा दिखाई देगी।

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केहरीपुर जंगल से ही पर्यटकों को अमानगढ़ में प्रवेश दिलाया जाएगा। यहां से झीरना गेट तक लाया और ले जाया जाएगा। जंगल सफारी की बुकिंग आफलाइन होती है।

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  • 2280 रुपये होता है जिप्सी शुल्क
  • 300 रुपये वाहन प्रवेश शुल्क है अमानगढ़ में
  • 400 रुपये है गाइड का चार्ज
  • 100 रुपये प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क
  • 600 रुपये प्रति विदेशी व्यक्ति शुल्क

अमानगढ़ में एक नवंबर से पर्यटन का आगाज कर दिया जाएगा। पहले की तरह ही व्यवस्था रहेगी। पर्यटकों के लिए रास्तों की मरम्मत- व्यू लाइन को साफ कराने का काम जल्दी ही शुरू कर दिया जाएगा। -जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ