भदोही जिले का नाम एक बार फिर बदल कर 'संत रविदास नगर भदोही' किया गया, सीएम योगी आदित्यनाथ ने की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर भदोही करने की घोषणा की है। उन्होंने यह ऐलान कारपेट एक्सपो में शामिल होने के दौरान किया।
HighLights
सीएम योगी ने भदोही का नाम बदलने की घोषणा की।
अब जिले का नाम संत रविदास नगर भदोही होगा।
मुख्यमंत्री ने कारपेट एक्सपो में यह ऐलान किया।
जागरण संवाददाता, भदोही। जिले का नाम एक बार फिर से रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने बदलने की घोषणा की है। बताया कि अब जिले का नाम संत रविदास नगर भदोही होगा। मुख्यमंत्री कारपेट एक्सपो में शामिल होने पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और जिले का नाम संत रविदास के नाम पर करने की बात कही।
भदोही जिले का नाम इसके गठन से लेकर अब तक पांच बार तक बदला जा चुका है। सियासत और सत्ता परिवर्तन के साथ इस जिले का नाम 'भदोही' और 'संत रविदास नगर' के बीच का बनता बिगड़ता रहा है। एक बार फिर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिले का नाम बदलकर संतरविदास नगर भदोही करने की जानकारी कारपेट एक्सपो के आयोजन के दौरान दी है।
दरअसल 30 जून 1994 को मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने वाराणसी से अलग करके पहली बार 'भदोही' नाम से जिला बनाया था। इसके बाद 4 दिसम्बर 1997 कोमायावती की बसपा सरकार ने भदोही का नाम बदलकर महान संत के सम्मान में 'संत रविदास नगर' कर दिया। इसके बाद 12 नवम्बर 1999 को रामप्रकाश गुप्ता की भाजपा सरकार ने जनभावनाओं को देखते हुए दोनों नामों को मिला दिया गया और नया नाम 'संत रविदास नगर भदोही' कर दिया।
इसके बाद जिले का नाम एक बार फिर बदला 6 दिसम्बर 2014 को जब तत्कालीन सपा सरकार के मुखिया अखिलेश यादव ने संयुक्त नाम से 'संत रविदास नगर' हटाकर इसका नाम पुनः 'भदोही' कर दिया था। इस प्रकार दोबारा भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 अक्टूबर 2026 को एक बार फिर संतरविदास नगर भदोही नाम कर भाजपा के पूर्व दौर का ही नाम कर दिया है। इस प्रकार अब तक कुल छह बार भदोही जिले का नाम बदल चुका है।
वहीं रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भदोही के नाम को लेकर कहा कि जिला अब संत रविदास नगर भदोही के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से लोग जय श्री राम का उद्घोष करने लगे।
स्टालों पर रुके सीएम, देखी कालीन की बारीकी
मुख्यमंत्री ने कालीन मेले में लगे स्टालों का बारीकी से निरीक्षण किया। विभिन्न डिजाइनों और कारीगरी को देखकर उन्होंने कारीगरों के हुनर की सराहना की। सीईपीसी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मेले और कालीन उद्योग से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी।
सीएम ने कारपेट एक्सपो का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने रविवार को भदोही में एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेला 'इंडिया कारपेट एक्सपो' के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं एवं प्रमुख उद्यमियों से संवाद भी किया। कहा कि जिन हाथों ने सदियों तक कालीन बुना, उनमें नई तकनीक और नई डिजाइन भी होनी चाहिए।
मंच से बताया कि सरकार ने कारीगरों के हुनर, कला और उनकी साधना को पहचान दिलाने के लिए प्रयास प्रारंभ किए। इसके बाद मार्केट भी मिला और डिजाइन भी। 'इंडिया कारपेट एक्सपो' की 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई तथा निर्यातकों, विक्रेताओं, उद्यमियों, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
