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मखौड़ा से मगहर तक बनेगा धार्मिक पर्यटन सर्किट, 'जागरण विमर्श' में चमकीं क्षेत्र के विकास की संभावनाएं

By Ram Manohar TripathiEdited By: Sakshi Gupta
Published: Fri, 09 Oct 2026 12:52 PM (IST)

Jagran Vimarsh | मखौड़ा धाम से मगहर तक के धार्मिक और ऐतिहासिक क्षेत्र को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने पर 'जागरण विमर्श' में चर्चा हुई।

अपने विचार रखते विधायक अंकुर राज तिवारी, साथ में DIG बस्ती रेंज संजीव त्यागी, पूर्व IAS ओएन सिंह और संचालक भावेश पांडेय l जागरण

अपने विचार रखते विधायक अंकुर राज तिवारी, साथ में DIG बस्ती रेंज संजीव त्यागी, पूर्व IAS ओएन सिंह और संचालक भावेश पांडेय l जागरण

HighLights

  1. मखौड़ा-मगहर क्षेत्र को समग्र पर्यटन सर्किट बनाने की आवश्यकता।

  2. प्रचार-प्रसार और सुविधाओं से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

  3. संत कबीर एकेडमी और तामेश्वरनाथ कॉरिडोर का विकास जारी।

राम मनोहर त्रिपाठी, बस्ती। Jagran Vimarsh |मखौड़ा धाम से मगहर तक का क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध है। यहां धार्मिक आस्था से जुड़े स्थल, संत परंपरा, प्राचीन संस्कृति और लोक आस्था की पहचान मौजूद है। हालांकि, इन स्थलों को एक समग्र पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए अभी और प्रयास की जरूरत है।

‘जागरण विमर्श’ के द्वितीय सत्र में ‘धार्मिक पर्यटन: मखौड़ा से मगहर तक’ विषय पर वक्ताओं ने संभावनाओं, चुनौतियों और विकास की जरूरतों पर चर्चा की। भावेश पांडेय ने सवाल किया कि अयोध्या से सटे होने के बावजूद मखौड़ा से मगहर तक अपेक्षित विकास क्यों नहीं हो सका।

सवाल का जवाब देते हुए खलीलाबाद विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि सुविधाओं और सुनियोजित प्रचार से जुड़ने पर धार्मिक पर्यटन इस क्षेत्र में रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है। मखौड़ा धाम का संबंध प्राचीन धार्मिक परंपराओं से है, जबकि मगहर संत कबीर की निर्वाण स्थली के रूप में देश-दुनिया में पहचाना जाता है।

दोनों स्थलों को आसपास के अन्य धार्मिक और ऐतिहासिक स्थानों से जोड़कर पर्यटन मार्ग बनाया जा सकता है। इससे श्रद्धालुओं के साथ संस्कृति और आध्यात्मिकता में रुचि रखने वाले पर्यटक भी आएंगे। मखौड़ा से मगहर तक सर्किट हाउस बनाने के सवाल पर विधायक ने कहा कि बस्ती और संतकबीरनगर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर है और दोनों के बीच फोरलेन सड़क है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों की पहचान के लिए प्रचार अहम है। डिजिटल प्लेटफार्म, सोशल मीडिया, वेबसाइट और पर्यटन विभाग के अभियानों के जरिए सर्किट की जानकारी देशभर तक पहुंचाई जा सकती है। सेवानिवृत्त आइएएस ओएन सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में लोगों का रुझान अन्य पर्यटन स्थलों की तुलना में धार्मिक पर्यटन की ओर बढ़ा है।

अयोध्या में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, लेकिन मखौड़ा धाम कम पहुंचते हैं। इसकी वजह प्रचार-प्रसार और बेहतर कनेक्टिविटी की कमी है। अयोध्या आने वाले पर्यटकों को आसपास के स्थलों तक ले जाने के लिए टैक्सी सुविधा होनी चाहिए, ताकि वे इन जगहों की जानकारी देकर भ्रमण करा सकें। हर्रैया चतुर्भुजी मंदिर के महंत अनिल दास ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा मखौड़ा से शुरू होती है।

इस क्षेत्र को कारिडोर के रूप में विकसित किया जाए तो पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। मगहर के विकास पर विधायक ने कहा कि संत कबीर ने वहां प्रचलित भ्रांति दूर कर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की।

प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी ने संत कबीर एकेडमी की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये दिए। वहां देश-विदेश से पर्यटक पहुंच रहे हैं और संत कबीर पर शोध हो रहे हैं। तामेश्वरनाथ धाम में कारिडोर का निर्माण भी कराया जा रहा है। इससे क्षेत्र के विकास के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

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नागरिकों के निर्भीक होने पर ही विकसित भारत संभव: डीआइजी

डीआइजी संजीव त्यागी ने कहा कि विकसित देश के लिए नागरिकों का निर्भीक होना जरूरी है। स्मार्ट पुलिसिंग के तहत पुलिसकर्मियों को व्यवहार सुधारने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और थानों को भी व्यावहारिक बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग और मंदिरों में बेहतर व्यवस्था के कारण इस बार भदेश्वरनाथ मंदिर में अयोध्या से सरयू जल लेकर करीब आठ लाख श्रद्धालु पहुंचे। तामेश्वरनाथ में भी लाखों श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया। उनके मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर, बस्ती में मखौड़ा धाम, मगहर में कबीर और सिद्धार्थनगर में गौतम बुद्ध की स्थली के कारण यह पूरा क्षेत्र प्रमुख धार्मिक केंद्र है।