बस्ती के सोनहा में एक घंटे की थानेदार बनीं कक्षा आठ की छात्रा शिवांगी, बोली- मुझे भी बनना है अफसर
बस्ती के सोनहा थाने में मिशन शक्ति के तहत कक्षा आठ की छात्रा शिवांगी विश्वकर्मा को एक घंटे के लिए ...और पढ़ें
-1792129148005_m.webp)
कक्षा आठ की छात्रा शिवांगी विश्वकर्मा को एक घंटे के लिए सोनहा का थानाध्यक्ष बनाया गया। जागरण
HighLights
छात्रा शिवांगी विश्वकर्मा एक घंटे के लिए बनीं थानाध्यक्ष।
उन्होंने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और पुलिस कार्यप्रणाली समझी।
मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं को किया गया जागरूक।
जागरण संवाददाता भानपुर, बस्ती। मिशन शक्ति फेज-6 के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नरखोरिया व उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ोखर की छात्राओं को सोनहा थाना का भ्रमण कराया गया। इस दौरान कक्षा आठ की छात्रा शिवांगी विश्वकर्मा को एक घंटे के लिए सोनहा का थानाध्यक्ष बनाया गया।
उनके द्वारा थाने पर आने वाली महिलाओं एवं अन्य फरियादियों की शिकायतों को सुना गया तथा उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली एवं जनसमस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया से परिचित कराया गया। शिवांगी ने बताया कि इससे उनका आत्मबल बढ़ा है। वह आगे पढ़ाई करके अफसर बनना चाहती हूं।
बालिकाओं को महिला सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण एवं मिशन शक्ति फेज-6 के संबंध में जागरूक किया गया। छात्राओं को थाना सोनहा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने हेतु महिला शक्ति केंद्र, महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीएनएस कार्यालय, थानाध्यक्ष कार्यालय, हवालात, आगंतुक कक्ष एवं मिशन शक्ति कक्ष का भ्रमण कराया गया तथा पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
थानाध्यक्ष सोनहा महेश सिंह, एंटी रोमियो टीम एवं वरिष्ठ उपनिरीक्षक द्वारिका प्रसाद चौधरी, महिला आरक्षी अर्चना द्वारा छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, छेड़छाड़ की घटनाओं की रोकथाम, बालिकाओं के अधिकारों एवं किसी भी आपात स्थिति में पुलिस से सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।
यह भी पढ़ें- एक ही गांव के 5 'जिगरी दोस्त' एक साथ बने यूपी पुलिस में कांस्टेबल, बिना कोचिंग के रचा इतिहास
साथ ही महिला सुरक्षा एवं सहायता से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 1076, 112, 1098 एवं 1930 के उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए छात्राओं को उक्त नंबर नोट कराए गए तथा आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। इस मौके पर वार्डन कंचन सिंह, प्रधानाध्यापक विनोद कुमार, सहायक अध्यापिका शशिकला, शिखा पांडेय आदि मौजूद रहीं।
थानेदार की कुर्सी पर बैठकर लगा कि पुलिस प्रशासन के पास कई तरह की समस्याएं आती हैं। उसका निपटारा कैसे किया जाए। कुछ समस्याएं मेरे पास भी आईं। फरियादियोंं से बातकर उनके समाधान के लिए सुझाव दिया गया। कुर्सी पर बैठते ही मन में देशसेवा का विचार जागृत होने लगा। एक घ्ंटे का अनुभव काफी अच्छा रहा।
