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पशुपालक अध्ययन भ्रमण योजना की पहल, बस्ती के 210 पशुपालक कृषि विश्वविद्यालयों में सीखेंगे आधुनिक तकनीक

Published: Fri, 30 Oct 2026 11:19 AM (IST)

बस्ती के 210 प्रगतिशील पशुपालकों को अयोध्या, मथुरा और पंतनगर के कृषि विश्वविद्यालयों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान उन्हें ...और पढ़ें

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।

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HighLights

  1. बस्ती के 210 पशुपालक करेंगे कृषि विश्वविद्यालयों का भ्रमण।

  2. अयोध्या, मथुरा, पंतनगर में सीखेंगे उन्नत पशुपालन तकनीकें।

  3. चारा उत्पादन, वैज्ञानिक प्रबंधन से पशुपालन होगा लाभकारी।

जागरण संवाददाता, बस्ती। जिले के 210 प्रगतिशील पशुपालकों को एक्सपोजर विजिट कराकर पशुपालन की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। इसके लिए उन्हें अयोध्या, मथुरा और पंतनगर स्थित कृषि एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान पशुपालकों को चारा उत्पादन, पशुपालन की नई विधियों और वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।

पशुपालकों को आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या, पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा तथा गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर ले जाया जाएगा। यहां उन्हें उन्नत पशुपालन के तरीकों और चारा उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। हर ब्लाक के एक एक पशु चिकित्साधिकारी संबंधित ब्लाकों के नोडल होंगे।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के लिए एक दिवसीय, पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान,मथुरा व गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के लिए तीन दिवसीय भ्रमण होगा। नवंबर में एक्सपोजर विजिट प्रस्तावित है। पशुपालक चार बैच में भेजे जाएंगे।

इन विषयों की मिलेगी जानकारी

  • चारा उत्पादन की आधुनिक तकनीक
  • पशुपालन की उन्नत विधियां
  • वैज्ञानिक तरीके से पशुओं का प्रबंधन
  • पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने के उपाय

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इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों को वैज्ञानिक विधियों का व्यावहारिक ज्ञान देना है, जिससे वे पशुपालन को अधिक लाभकारी बना सकें। नई तकनीकों की जानकारी मिलने से पशुओं के बेहतर प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण चारा उत्पादन में मदद मिलने की उम्मीद है।

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-डा. प्रेम कुमार वर्मा,उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी