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बस्ती में 600 नौनिहाल संभालेंगे रामलीला की कमान, 12 नवंबर से शुरू होगा भव्य मंचन

Published: Fri, 30 Oct 2026 10:45 AM (IST)

बस्ती में सनातन धर्म संस्था 20 विद्यालयों के 600 से अधिक बच्चों को रामलीला मंचन से जोड़कर सांस्कृतिक पुनर्जागरण कर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 20 विद्यालयों के 600 से अधिक बच्चे रामलीला में शामिल।

  2. सनातन धर्म संस्था कर रही सांस्कृतिक पुनर्जागरण की अनूठी पहल।

  3. 12 नवंबर से शुरू होंगी बच्चों की रामलीला प्रस्तुतियां।

महेंद्र कुमार त्रिपाठी, बस्ती। आधुनिकता की दौड़ में अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की चुनौती के बीच बस्ती में नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने की अनूठी पहल की जा रही है। सनातन धर्म संस्था ने सांस्कृतिक पुनर्जागरण का बीड़ा उठाते हुए बच्चों को श्रीरामलीला के मंचन से जोड़ने का अभियान शुरू किया है।

शहर के 20 विद्यालयों के 600 से अधिक विद्यार्थी भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों, उनके आदर्शों और रामलीला में अभिनय की बारीकियां सीख रहे हैं। 12 नवंबर से ये बच्चे मंच पर भगवान श्रीराम के विविध स्वरूपों का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन केवल अभिनय का अभ्यास नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का प्रयास भी है।

अभिनय के साथ संस्कारों की सीख

रामलीला भारतीय लोक परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और आदर्शों को जनमानस तक पहुंचाया जाता रहा है। सनातन धर्म संस्था की पहल इसी परंपरा को बच्चों के बीच जीवंत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विद्यालयों के विद्यार्थियों को रामलीला के पात्रों के अनुरूप अभिनय, संवाद अदायगी, भाव-भंगिमा और मंच पर प्रस्तुति के तौर-तरीके सिखाए जा रहे हैं।

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इस अभ्यास से बच्चों को सामूहिक रूप से काम करने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत होने का अवसर भी मिल रहा है। भगवान श्रीराम के चरित्र को मंच पर उतारने के लिए संवादों के भाव समझना और प्रसंगों की संवेदना को आत्मसात करना जरूरी है। ऐसे में यह अभियान विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के करीब लाने का माध्यम बन सकता है।

नई पीढ़ी के जरिए परंपरा का विस्तार
शहर के 20 विद्यालयों के 600 से अधिक बच्चों की भागीदारी इस पहल के व्यापक स्वरूप को दर्शाती है। नवंबर में प्रस्तावित प्रस्तुति के जरिए विद्यार्थी भगवान श्रीराम के विभिन्न स्वरूपों और उनसे जुड़े प्रसंगों को मंच पर साकार करेंगे। इससे दर्शकों को भी बच्चों की दृष्टि से रामकथा के विविध पक्षों को देखने का अवसर मिलेगा।

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संस्था का यह प्रयास सांस्कृतिक विरासत को केवल पुस्तकों और धार्मिक आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय उसे नई पीढ़ी के अनुभव का हिस्सा बनाने की दिशा में कदम है। बच्चों के अभिनय के माध्यम से रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाने की यह पहल बस्ती में सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की उम्मीद जगाती है।

हर दृश्य के लिए परखी जाती है बच्चों की प्रतिभा

रामलीला में बच्चों का चयन उनकी लंबाई, कद-काठी, वजन और भाव-भंगिमा सहित विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है। प्रत्येक दृश्य की आवश्यकता के अनुरूप अलग-अलग विद्यालयों के बच्चों को चुना जाता है। चयन और मंचन की प्रक्रिया में सांस्कृतिक एवं तकनीकी विशेषज्ञ पंकज त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। पूरी प्रक्रिया में बारीकियों का विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि मंच पर पात्रों के अनुरूप प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत किया जा सके।


करीब 15 वर्ष पहले मन में विचार आया कि भगवान श्री राम के आदर्श के जरिए सामाजिक समरसता को और मजबूत किया जाए। जिसमें नौनिहालों की भूमिका को महत्वपूर्ण समझते हुए उन्हें भगवान श्री राम के विविध आयामों की लीला करने का अवसर प्रदान किया जाए। जिससे भगवान श्री राम के आदर्श को बच्चों के जरिए दुनिया में फैलाया जाए। उसके बाद रिटायर्ड कर्नल के सी मिश्र, कैलाश नाथ दूबे, सुशील मिश्र, अनुराग शुक्ल के साथ मिलकर संस्था का गठन किया गया। इस आयोजन के जनपद के धार्मिक लोगों की एक समिति श्री रामलीला महोत्सव आयोजन समिति नाम से बनाई गई है। जिसमें 45 लोग शामिल हैं। जो इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाते हैं। सबके प्रयास से भगवान श्री राम की लीला का मंचन बीते सात साल से बच्चों के जरिए हो रहा है। दो महीने से विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को रामलीला के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

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;अखिलेश दूबे , सदस्य, सनातन धर्म संस्था, बस्ती

श्री राम जी के चित्र के साथ चरित्र, चरण के साथ आचरण, श्री राम जी को मानने के साथ लोग श्री राम जी की माने इस उद्देश्य के साथ बच्चों के अवचेतन मन मे संसार की सबसे सुविख्यात आध्यात्मिक शक्ति श्री राम जी के जीवन का बीजारोपण किया जा रहा है। तैयारी पूरी हो चुकी है। 12 से 21 नवंबर तक श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन शाम छह बजे से शहर के गोविंद राम सक्सेरिया इंटर कालेज परिसर में होगा।

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-कर्नल केसी मिश्र, सदस्य, सनातन धर्म संस्था।