भामाशाह योजना: बस्ती के आलू किसानों की बल्ले-बल्ले, कोल्ड स्टोरेज में फसल रखने पर सरकार देगी 20 हजार रुपये
बस्ती के 300 आलू किसानों ने सुयश कोल्ड स्टोरेज में 31 हजार क्विंटल आलू सुरक्षित रखा है, जिससे उन्हें भविष्य ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
300 किसानों का 31 हजार क्विंटल आलू सुरक्षित।
कोल्ड स्टोरेज में आलू की कीमतें स्थिर बनी हुई।
200 क्विंटल भंडारण पर 20 हजार रुपये अनुदान।
जागरण संवाददाता, बस्ती। वर्तमान में जिले के 300 पंजीकृत आलू किसानों ने अपनी उपज को स्थानीय सुयश कोल्ड स्टोरेज (शीतगृह) मनौरी बस्ती में सुरक्षित संरक्षित कर रखा है। इस कोल्ड स्टोरेज में किसानों का कुल 31 हजार क्विंटल आलू जमा है। बाजार में अभी आलू की कीमतों में काेई उतार-चढ़ाव नहीं आया है, आलू की बोआइ के दौरान इसकी कीमतों में उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। इस बार किसानों को उनकी मेहनत का उचित और लाभकारी मूल्य मिलने की उम्मीद है।
किसानों को मिलेगा सीधा वित्तीय प्रोत्साहन
राज्य सरकार और कृषि विभाग की ओर से आलू किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष अनुदान योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के तहत, जो किसान निर्धारित मानकों के अनुसार अपने कोल्ड स्टोरेज में फसल का भंडारण कर रहे हैं, उन्हें इस बार वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना के प्रावधानों के मुताबिक, प्रत्येक दो सौ क्विंटल आलू के भंडारण पर किसानों को 20 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इस आर्थिक मदद से किसानों पर भंडारण का वित्तीय बोझ कम होगा और उन्हें बाजार में सही समय पर अपनी फसल बेचने की छूट मिलेगी।
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कीमतों में स्थिरता से खिले किसानों के चेहरे
अक्सर देखा जाता है कि फसल की कटाई के तुरंत बाद बाजार में आवक बढ़ने से आलू के दाम धड़ाम हो जाते हैं, जिससे किसानों को औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचनी पड़ती है। लेकिन इस सीजन में स्थिति अलग है। कोल्ड स्टोरेज में भारी मात्रा में फसल सुरक्षित होने के बावजूद बाजार में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। कृषि विशेषज्ञ व जिला उद्याान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी का मानना है कि कीमतों के न गिरने से किसानों को भविष्य में और बेहतर मुनाफा मिलने की संभावना है।
किसानों से अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जिन किसानों ने अभी तक अनुदान के लिए आवेदन नहीं किया है, वे समय रहते अपने संबंधित जिला उद्यान कार्यालय या कोल्ड स्टोरेज संचालकों के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि समय पर उनके बैंक खातों में अनुदान की राशि भेजी जा सके। इसके लिए शासन स्तर से भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की गई है। यह पहल निश्चित रूप से जिले के आलू किसानों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करेगी और उन्हें बिचौलियों के चंगुल से बचाकर उनकी आय को दोगुना करने में मददगार साबित होगी।
- पंकज कुमार शुक्ल, उप निदेशक उद्यान, बस्ती मंडल
