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मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना: बस्ती जिले में 7330 किसानों को मिलेगा उथली व मध्यम गहरी बोरिंग का लाभ, सब्सिडी पर मिलेंगे डीजल पंप

Published: Sat, 24 Oct 2026 11:24 AM (IST)

बस्ती जिले में मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत 7330 किसानों को उथली व मध्यम गहरी बोरिंग का लाभ मिलेगा। ...और पढ़ें

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।

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HighLights

  1. बस्ती में 7330 किसानों को सिंचाई योजना का लाभ मिलेगा।

  2. उथली व मध्यम गहरी बोरिंग पर किसानों को अनुदान मिलेगा।

  3. 165 किसानों को सब्सिडी पर डीजल पंप सेट मिलेंगे।

जागरण संवाददाता, बस्ती। जिले में मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत उथली व मध्यम गहरी बोरिंग योजना के तहत जिले का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। जिले में 7330 किसानों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं 165किसानों को अनुदान पर डीजल पंप सेट प्रदान किया जाएगा। लघु सिंचाई विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत किसानों के लिए उथली व मध्यम गहरी बोरिंग का लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है।

जिले में इस वित्त वर्ष में उथली बोरिंग के लिए सामान्य वर्ग 3650 किसानों को जबकि अनुसूचित जाति-जनजाति के 3600 को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है। इसी प्रकार मध्यम गहरी बोरिंग के लिए अब तक केवल सामान्य वर्ग के लिए 80 बोरिंग का लक्ष्य मिला है। वहीं इस बार 165 किसानों को अनुदान पर डीजल पंप सेट प्रदान किया जाएगा। इसमें 85 सामान्य व 80 अनुसूचित जाति-जनजाति के किसान शामिल हैं।

लघु व सीमान्त किसानों के लिए है उथली बोरिंग
यह योजना मुख्य रूप से लघु एवं सीमान्त कृषकों के लिए है। इसमें बोरिंग की गहराई का मानक 30 मीटर है।बोरिंग के लिए सीमान्त किसान को अधिकतम 7,000 तो लघु किसान को अधिकतम 5,000 का अनुदान मिलता है। अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को अधिकतम 10,000 (पंपसेट व पाइप के लिए अतिरिक्त अनुदान देय है)।

जल स्तर नीचे वाले क्षेत्र के लिए है मध्यम गहरी बोरिंग
यह उन क्षेत्रों के लिए निर्धारित की जाती है जहां जल स्तर काफी नीचे चला गया है। गहराई का मानक 31 मीटर से 60 मीटर तक होता है। इसमें सभी श्रेणी के कृषक पात्र होते हैं, बशर्ते वे किसी पूर्व योजना के डिफाल्टर न हों। इसके तहत न्यूनतम 6 हेक्टेयर शुद्ध या 10 हेक्टेयर सकल भूमि का होना अनिवार्य है।

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बोरिंग के लिए लागत का 50 या अधिकतम 1,75,000रुपये अनुदान मिलता है। वहीं जल वितरण प्रणाली (पाइप) के लिए अधिकतम 14,000 भी मिलता है। विद्युत कनेक्शन (ऊर्जीकरण) के लिए अधिकतम 68,000 तक का अनुदान भी दिया जाता है।

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इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य लघु और सीमांत किसानों को सिंचाई के साधन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत शासन से जिले को जो लक्ष्य मिला है ,उसके अनुरूप किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।

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-गरिमा द्विवेदी, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई