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 बस्ती में अपराध के रास्ते पर महिलाएं, 9 महीनों में 37 को मिली जेल

Published: Sun, 27 Sep 2026 01:25 PM (IST)

बस्ती में 'ऑपरेशन कनविक्शन' के तहत नौ महीनों में 37 महिलाओं सहित कुल 227 पुरुष अपराधियों को भी सजा मिली ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. नौ माह में बस्ती में 37 महिला अपराधियों को सजा मिली।

  2. 'ऑपरेशन कनविक्शन' ने 227 पुरुष अपराधियों को भी जेल भेजा।

  3. महिलाओं के अपराध में पारिवारिक विवाद, आर्थिक तंगी मुख्य कारण।

जागरण संवाददाता, बस्ती। अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे बहुचर्चित आपरेशन कंविक्शन के आंकड़े चौंकाने वाली सामाजिक हकीकत बयां कर रहे हैं। अपराध की दुनिया में अब तक मुख्य रूप से पुरुषों का वर्चस्व माना जाता था, लेकिन बीते नौ महीनों के आंकड़े बताते हैं कि आपराधिक वारदातों में महिलाओं की संलिप्तता और उनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

46 मुकदमों में न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए 37 महिलाओं दर्जनों महिलाओं को अदालतों ने विभिन्न आपराधिक मुकदमों में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह इस बात का संकेत है कि गंभीर वारदातों या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में महिलाओं की संलिप्तता अब अदालतों में भी साबित हो रही है। इसी अवधि में पुलिस ने आपरेशन कंविक्शन अभियान के तहत पुरुष अपराधियों पर भी करारा शिकंजा कसा है।

कुल 84 केसों में प्रभावी पैरवी करते हुए 227 पुरुषों को भी अदालत से जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है। पुलिस और अभियोजन विभाग की ठोस पैरवी के चलते अदालतों में मुकदमों का तेजी से निस्तारण हो रहा है।

अपराध जगत में महिलाओं की बढ़ती संख्या ने समाजशास्त्रियों और कानूनविदों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। पारिवारिक विवाद, आर्थिक तंगी, षड्यंत्र, और कई मामलों में अपराधियों के साथ साठगांठ कर वारदातों को अंजाम देने जैसी स्थितियां इसके प्रमुख कारणों के रूप में देखी जा रही हैं।

यह है आपरेशन कंविक्शन
अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए आपरेशन कंविक्शन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जघन्य अपराधों, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों, पाक्सो एक्ट और अन्य गंभीर वारदातों में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर कम से कम समय में न्यायालय से दोषियों को कठोर सजा दिलवाना है। पुलिस की मानिटरिंग सेल और गवाहों की समय पर पेशी ने इस अभियान में सफलता दिलाई है, जिससे अपराधियों में कानून का खौफ साफ तौर पर देखा जा रहा है।

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महिला आपराधियों की सजा की अवधि:
पहली जनवरी से लेकर 22 सितंबर 26 के बीच कुल मुकदमों में 37 महिलाओं को सलाखों के पीछे भेजा गया है।इसमें दो महिला को आजीवन कारावास, आठ को 20 वर्ष की सजा, 19 को 14 वर्ष की सजा और आठ महिलाओं को सात वर्ष से कम की सजा मिली है।

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कानून सबके लिए बराबर है। अपराध चाहे पुरुष ने किया हो या महिला ने, पुलिस हर मामले में निष्पक्ष और ठोस विवेचना कर रही है। चेन स्नेचिंग, हनीट्रैप, झूठी शिकायत कर अवैध वसूली से संबंधित अपराध में महिलाओं की भूमिका सामने आने लगी है।

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-डा. यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक, बस्ती