संतकबीर नगर में छात्रवृत्ति घोटाला: मृतकों-बुजुर्गों के खातों में भेजी स्कॉलरशिप की रकम, जांच में बड़ा खुलासा
संतकबीरनगर जिले में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में मृतकों और बुजुर्गों के खातों में रकम भेजे जाने का खुलासा हुआ है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
संतकबीरनगर में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच जारी।
मृतकों और बुजुर्गों के खातों में भेजी गई छात्रवृत्ति रकम।
98 नामजद अभियुक्तों में से केवल एक गिरफ्तार।
संवाद सूत्र, महुली। संतकबीरनगर जिले में सामने आए अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच आगे बढ़ने के साथ कथित अनियमितताओं की परतें खुलने लगी हैं। धनघटा तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों की जांच के दौरान अपराध शाखा की टीम को कई लाभार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति की रकम भेजे जाने की जानकारी मिली है। आरोप है कि कुछ मामलों में विद्यार्थियों के बजाय मृतकों और बुजुर्ग लोगों के खातों में भी छात्रवृत्ति की रकम भेजी गई।
जनता की शिकायत पर अल्पसंख्यक विभाग निदेशालय, लखनऊ ने संतकबीरनगर और बस्ती जिले में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति की जांच के निर्देश दिए थे। प्रारंभिक जांच के दौरान तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्रा ने लाभार्थियों के नाम और अभिलेखों की जांच की।
इसके बाद जिले की 46 संस्थाओं से जुड़े 98 लोगों के खिलाफ करीब 3.96 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति में कथित अनियमितता के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया।
जांच में नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के हरिहरपुर स्थित अंबा केपीएस, जयराम पट्टी, हरिहरपुर, हरदी सहित कई विद्यालयों के जिम्मेदारों के नाम सामने आए हैं। धनघटा और हैसर क्षेत्र के भी आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों में छात्रवृत्ति में कथित गड़बड़ी की बात सामने आई है।
बताया गया कि बस्ती जिले के भी एक दर्जन से अधिक विद्यालयों के माध्यम से एक करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति के कथित दुरुपयोग हुई है। इनमें कुछ लाभार्थियों के संतकबीरनगर जिले से जुड़े होने की बात भी सामने आई है।
महुली थाना क्षेत्र के महादेवा निवासी सुरैया खातून पत्नी अख्तर, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, के खाते में छात्रवृत्ति भेजे जाने का आरोप है। इसी तरह खुशबुन्निसा पत्नी मुहम्मद उमर और झिंगुरापार निवासी मसीउल्लाह आदि के खातों में भी अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति की रकम भेजे जाने की बात कही गई है।
14 महीने बाद 98 नामजद अभियुक्तों में एक की गिरफ्तारी
अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति मामले में मुकदमा दर्ज होने के करीब 14 महीने बाद भी 98 नामजद अभियुक्तों में से केवल एक की गिरफ्तारी होने का आरोप है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि शेष आरोपित विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाकर मामले को समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। क्षेत्रीय अभिभावकों में इसको लेकर नाराजगी है।
महुली निवासी शिवनाथ ने कहा कि छात्रवृत्ति की रकम में अनियमितता से अधिक गंभीर बात छात्रों और उनके अभिभावकों के नाम पर कथित तौर पर किए गए इस तरह के खेल की है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने, दोषियों से धन की वसूली करने तथा नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
