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यूपी-बिहार की सरहद पर शराब तस्करी का खेल, सिवान से हरियाणा तक फैला है नेटवर्क

Published: Fri, 25 Sep 2026 04:41 PM (IST)

बिहार में शराबबंदी के चलते देवरिया के रास्ते शराब तस्करी का नेटवर्क पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पिछले ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. बिहार में शराबबंदी के कारण देवरिया से हो रही शराब तस्करी।

  2. पिछले एक सप्ताह में तीन बड़ी शराब खेप पकड़ी गईं।

  3. सिवान से हरियाणा-चंडीगढ़ तक फैला है तस्करी का नेटवर्क।

जागरण संवाददाता, देवरिया। बिहार में शराबबंदी के बाद जिले के रास्ते शराब तस्करी का नेटवर्क पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। कम समय में मोटी कमाई के लालच में युवाओं के इस धंधे से जुड़ने की बात सामने आ रही है।

पिछले एक सप्ताह में हरियाणा और चंडीगढ़ निर्मित शराब की तीन बड़ी खेप पकड़े जाने से तस्करी के नेटवर्क की परतें खुली हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार सिवान में बैठा सरगना नेटवर्क संचालित कर रहा है, जिसके तार हरियाणा और चंडीगढ़ तक जुड़े बताए जा रहे हैं।

पकड़े गए तस्करों के अनुसार एक ट्रक शराब बिहार पहुंचाने पर सात से 10 लाख रुपये तक की कमाई होती है। हरियाणा और चंडीगढ़ से शराब लदे ट्रक कई जिलों से गुजरकर देवरिया पहुंचते हैं।

इसके बाद इन्हें बिहार सीमा में प्रवेश कराया जाता है। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि रास्ते में नेटवर्क से जुड़े लोग सक्रिय रहते हैं और उनके संकेत मिलने के बाद वाहन आगे बढ़ता है।

बीते गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने मेहड़ा पुरवा के पास वाहन चेकिंग के दौरान ट्रक से चंडीगढ़ निर्मित 215 पेटी शराब बरामद की। इसकी कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतू क्षेत्र निवासी दल्लाराम पुत्र नौना राम को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में उसने बताया कि शराब चंडीगढ़ और हरियाणा से लाकर कई जिलों से होते हुए देवरिया पहुंचाई गई थी। उसके अनुसार पुलिस चेकपोस्ट के आसपास नेटवर्क से जुड़े लोग रहते हैं और उनके संकेत के बाद वाहन आगे बढ़ता है।

एक सप्ताह में तीन बड़ी खेप पकड़ी गई

आठ सितंबर को बनकटा पुलिस ने वैगनआर से हरियाणा निर्मित 980 बोतल शराब बरामद की। इसकी कीमत करीब 2.65 लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने सिवान जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के सेंदुरवा निवासी मुन्ना ठाकुर पुत्र शत्रुधन और बरवाकला निवासी विशाल कुशवाहा पुत्र कन्हैया प्रसाद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने शराब सिवान पहुंचाने की बात बताई।

35 लाख की खेप सोनूघाट से पकड़ी

आठ सितंबर को ही कोतवाली पुलिस ने सोनूघाट के पास ट्रक से चंडीगढ़ निर्मित 310 पेटी शराब बरामद की। इसकी कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने बरहज थाना क्षेत्र के पैन निवासी तैय्यब पुत्र असगर और रुद्रपुर थाना क्षेत्र के अहलादपुर मर्करी निवासी सुशील सिंह पुत्र केशव सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने शराब सिवान पहुंचाने की बात स्वीकार की। उनके अनुसार बिहार सीमा में प्रवेश के बाद नेटवर्क से जुड़े लोगों के इशारे पर ट्रक आगे बढ़ाया जाता है।

कई रास्तों से सीमा पार कराने का प्रयास

पुलिस की निगरानी के बावजूद तस्करों द्वारा देसही देवरिया, भटनी क्षेत्र के बलुआ अफगान, खामपार के भिंगारी बाजार व भवानीछापर, बनकटा क्षेत्र के सोहनपुर-अकटही, रामपुर बुजुर्ग व प्रतापपुर तथा लार क्षेत्र के मेहरौना मार्ग का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।

रात के अंधेरे में शराब लदे वाहनों को इन रास्तों से बिहार सीमा में प्रवेश कराने का प्रयास किया जाता है। सटीक सूचना मिलने पर पुलिस कार्रवाई करती है, जबकि कई बार तस्कर निगरानी से बचकर निकल जाते हैं।

शराब तस्करी रोकने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। बिहार सीमा से लगे थानों के थानाध्यक्षों को विशेषकर रात में अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार कार्रवाई में कई तस्करों को शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। तस्करी पर काफी हद तक अंकुश लगाने में सफलता मिली है। -सुनील कुमार सिंह, एएसपी दक्षिणी।