बस्ती में आस्था का सैलाब: 11 हजार महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा, शतचंडी महायज्ञ का आगाज
बस्ती में 11 हजार महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकालकर शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ किया, जो शहर के इतिहास में ...और पढ़ें

कलश यात्रा में सैलाब। जागरण
HighLights
बस्ती में 11 हजार महिलाओं की भव्य कलश यात्रा।
शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ, मनीष मिश्रा मुख्य यजमान।
मातृशक्ति की सामूहिक भागीदारी, सामाजिक एकजुटता का संदेश।
जागरण संवाददाता, बस्ती। आस्था का सैलाब, सिर पर मंगल कलश और जुबां पर मां भगवती के जयकारे। कदम-दर-कदम आगे बढ़ती हजारों महिलाओं की कतार और वातावरण में गूंजते वैदिक मंत्र। रविवार को बस्ती की सड़कों पर ऐसा ही दृश्य दिखाई दिया, जब 11 हजार महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।
आकर्षक परिधानों में सजी महिलाओं का अनुशासित समूह जहां लोगों के आकर्षण का केंद्र बना, वहीं इस दृश्य ने लोगों को भावुक भी कर दिया। बस्ती में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता के साथ कलश यात्रा निकाले जाने की चर्चा पूरे शहर में होती रही। धार्मिक आस्था के इस आयोजन ने सामाजिक एकजुटता और मातृशक्ति की सामूहिक भागीदारी का संदेश भी दिया।
बस्ती की सुख-समृद्धि, विकास, शांति और जनकल्याण की कामना से आयोजित शतचंडी महायज्ञ में पहल वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनीष मिश्रा मुख्य यजमान होंगे। दिल्ली से आए मुख्य पुरोहित आचार्य अजय पांडे के नेतृत्व में विद्वान पुरोहितों का दल वैदिक विधि-विधान से महायज्ञ संपन्न कराएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया।
अमहट शिव मंदिर से निकला आस्था का सैलाब
रविवार सुबह कुआनो नदी के तट पर स्थित अमहट शिव मंदिर परिसर में महिलाओं के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। सिर पर कलश धारण किए महिलाएं पारंपरिक और आकर्षक परिधानों में पहुंचीं तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चार और माता के जयघोष के बीच कलश यात्रा प्रारंभ हुई। हजारों महिलाओं की एक साथ सहभागिता ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
अमहट शिव मंदिर से निकली कलश यात्रा झंडा तिराहा, शास्त्री चौक, कंपनी बाग, गांधीनगर, जीआइसी, रोडवेज, मालवीय रोड और ब्राह्मण महासभा होते हुए सीएमएस स्कूल के समीप सेवा हास्पिटल वाली गली से गुजरी। इसके बाद यात्रा जीडी मिश्रा के आवास स्थित यज्ञ स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं की निगाहें कलश यात्रा पर टिकी रहीं। महिलाओं की लंबी कतार, उनके चेहरे पर आस्था का भाव और सामूहिक रूप से गूंजते जयकारे इस आयोजन की विशिष्टता को बयां कर रहे थे।
मातृशक्ति की सहभागिता बनी आयोजन की पहचान
कलश यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता इसमें महिलाओं की व्यापक भागीदारी रही। 11 हजार महिलाओं को एक साथ धार्मिक आयोजन में सहभागी बनाने की पहल ने शहर में नई चर्चा छेड़ दी। एक जैसी आस्था के भाव से जुड़ीं महिलाएं जब कतारबद्ध होकर आगे बढ़ीं तो यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामूहिक सहभागिता का बड़ा उदाहरण भी बन गया। आयोजन में महिलाओं की भूमिका को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता रही।
पहल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से किए जा रहे इस आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ता मनीष मिश्रा की पहल की भी चर्चा होती रही। संस्था की विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं की सहभागिता ने आयोजन को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया।
'यह पूरे बस्ती के कल्याण का संकल्प'
मुख्य यजमान मनीष मिश्रा ने कहा कि शतचंडी महायज्ञ किसी व्यक्ति विशेष का आयोजन नहीं, बल्कि संपूर्ण बस्ती के कल्याण का संकल्प है। मां भगवती से बस्ती की समृद्धि, विकास, सुख-शांति और प्रत्येक परिवार की खुशहाली की कामना की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का नेतृत्व वह नहीं, बल्कि बस्ती की नारी शक्ति कर रही है। पहल वेलफेयर सोसाइटी की 'राम जी का झोला', 'राम जी का पेड़ा' सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी माताएं और बहनें इसकी वास्तविक सूत्रधार हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की अगुवाई में आयोजित यह महायज्ञ बस्ती के आध्यात्मिक गौरव, सामाजिक एकता और जनकल्याण के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनेगा।
यह भी पढ़ें- गोरखधाम एक्सप्रेस पर पथराव, एसी कोच का शीशा टूटा; यात्रियों में दहशत
आस्था के साथ विकास और खुशहाली की कामना
शतचंडी महायज्ञ के आयोजन के पीछे धार्मिक अनुष्ठान के साथ जनपद की सुख-समृद्धि और सर्वांगीण विकास की कामना भी जुड़ी है। आयोजकों की मंशा है कि मां भगवती के आशीर्वाद से बस्ती में सुख-शांति, सामाजिक सद्भाव और प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशहाली आए। कुआनो नदी के तट पर स्थित अमहट शिव मंदिर से निकली कलश यात्रा ने शहर के धार्मिक वातावरण को नई ऊर्जा दी।
11 हजार महिलाओं की सहभागिता ने इस आयोजन को विशेष पहचान दी। आकर्षक परिधानों में सजी महिलाओं की लंबी कतारें, जयकारों से गूंजता वातावरण और सामूहिक आस्था का दृश्य लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। शतचंडी महायज्ञ के शुभारंभ के साथ बस्ती में धार्मिक उल्लास का नया अध्याय जुड़ गया।
