उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के केस दर्ज कराते ही फोन बंदकर फरार हुआ पति पप्पू गिरधारी, लोकेशन तलाश रही पुलिस
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के बाद उनके पति पप्पू गिरधारी फरार हो गए हैं। पुलिस ...और पढ़ें
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HighLights
मंत्री रेखा आर्य के पति पप्पू गिरधारी फरार।
पुलिस उनकी तलाश में जुटी, फोन बंद।
बरेली में पुराना आपराधिक इतिहास सामने आया।
जागरण संवाददाता, बरेली। उत्तराखंड की बाल विकास एवं महिला सशक्तीकरण मंत्री रेखा आर्य के उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होने के बाद उनका पति पप्पू गिरधारी फोन बंदकर फरार है।
वह सोमवार को भी शहर में नहीं दिखा। उसकी तलाश में आई देहरादून पुलिस खाली हाथ लौट चुकी। स्थानीय पुलिस भी उसकी लोकेशन व अन्य जानकारियां प्राप्त करने का प्रयास कर रही है। उसके विरुद्ध बरेली में 39 मुकदमे होने के बाद हिस्ट्रीशीट रजिस्टर में नाम दर्ज कर निगरानी की जाती थी।
12 वर्ष पहले उसकी निगरानी बंद कर दी, क्योंकि किसी नई घटना में संलिप्तता नहीं मिली थी। अब 18 वर्ष बाद उसके विरुद्ध उत्तराखंड में मंत्री रेखा आर्य ने मुकदमा दर्ज कराया है। यदि इस मामले में देहरादून पुलिस कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करती है तो स्थानीय पुलिस दोबारा निगरानी शुरू कर देगी।
जोगी नवादा निवासी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी पर पहले वर्ष 1990 में जैन दंपती हत्याकांड का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, गैंग्सटर समेत अन्य मुकदमे भी हुए। वर्ष 2008 में उसके विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था, तब गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हुई थी। उसके बाद से बरेली में कोई केस नहीं हुआ। वह उत्तराखंड में सक्रिय हो गया था, वहीं रेखा आर्य से शादी कर ली थी।
इस बीच, उसके भतीजों का नाम कुछ वर्ष पहले पीलीभीत बाईपास पर फायरिंग केस में आया था। वर्ष 2022 में बारादरी थाने में रेखा आर्य ने पप्पू गिरधारी की पूर्व मैनेजर कल्पना पर केस लगाया था। यह कलह अंदर ही अंदर बढ़ता गया। 15 अक्टूबर को रेखा आर्य ने देहरादून में पप्पू गिरधारी पर रिपोर्ट कराई। उसके बाद पप्पू गिरधारी का आपराधिक इतिहास दोबारा सामने आया।
उसमें पता चला कि उसकी हिस्ट्रीशीट की निगरानी वर्ष 2014 में बेहतर चाल-चलन की वजह से बंद कर दी गई थी। एसपी सिटी चिराग जैन ने बताया कि पप्पू गिरधारी की अभी निगरानी नहीं हो रही है। यदि नए मामले में आरोप पत्र तय होता है तो निगरानी फिर से शुरू की जा सकती है।
देहरादून की एसआईटी ने बरेली पुलिस से नहीं किया संपर्क
पप्पू गिरधारी पर दर्ज मुकदमे की जांच देहरादून एसआईटी कर रही है। देहरादून पुलिस के मुताबिक एसआईटी ने बरेली जाकर जानकारी व दस्तावेज जुटाए थे। वहीं इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी ने बरेली पुलिस से आधिकारिक तौर पर कोई संपर्क नहीं किया है।
रिंकू कर रहा मदद, 25 लाख रुपये भी दिए
पप्पू गिरधारी का एक महिला के साथ प्रसारित हो रहे ऑडियो में पप्पू गिरधारी महिला से कह रहे हैं कि रिंकू उनका पूरा सहयोग करेगा। वह हर तरह से मदद कर रहा है। वह जमानत कराने में भी मदद करेगा। इसके अलावा ऑडियो में महिला की मदद के लिए 25 लाख रुपये भी देने का जिक्र है।
