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'बिना धर्म परिवर्तन के शादी नाजायज...' मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने उमर अब्दुल्ला की शादी पर जारी किया फतवा

Published: Sun, 01 Nov 2026 01:57 PM (IST)

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उमर अब्दुल्ला और पत्रकार निधि राजदान के निकाह को शरीयत के खिलाफ बताया है। ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बरेली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पत्रकार निधि राजदान के विवाह को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फतवा जारी किया है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इस निकाह को शरीयत और इस्लाम के नजरिए से पूरी तरह गैर-कानूनी (नाजायज) करार दिया है।

बरेली में बयान जारी करते हुए मौलाना ने कहा कि इस्लाम में शादी-विवाह के सख्त नियम और असूल तय किए गए हैं। इस्लामी शरीयत का पहला नियम यह है कि निकाह के लिए लड़का और लड़की दोनों का मुसलमान होना अनिवार्य है।

यदि दोनों में से कोई एक भी गैर-मुस्लिम है, तो उस शादी को इस्लाम में जायज नहीं माना जा सकता। मौलाना रजवी ने आगे स्पष्ट किया कि उमर अब्दुल्ला मुस्लिम हैं, जबकि निधि राजदान गैर-मुस्लिम महिला हैं।

ऐसे में बिना धर्म परिवर्तन के हुआ यह विवाह इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, उमर अब्दुल्ला को चाहिए था कि वह शादी से पहले महिला को इस्लाम कबूल करवाते और उसके बाद निकाह करते, तब यह शादी शरीयत के तहत जायज होती। चूंकि ऐसा नहीं किया गया, इसलिए यह शादी पूरी तरह नाजायज है।

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