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'कितने QR थे?' शोले के गब्बर से समझिए साइबर ठगी का खेल, यूपी पुलिस का अनोखा कॉमिक्स प्रयोग

Published: Sat, 10 Oct 2026 06:20 AM (IST)

उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए शोले फिल्म के किरदारों पर आधारित एक कॉमिक्स ...और पढ़ें

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HighLights

  1. साइबर ठगी पर लगाम और जागरूकता के लिए पुलिस का काॅमिक्स वाला प्रयोग

  2. सभी जिलों के अधिकारियों और थानों में साइबर सेल को भेजे गई पुस्तिका

अनिल कुमार, बरेली। कितने आदमी थे, सरदार दो। वो दो और तुम तीन, फिर भी आ गए खाली हाथ, क्या समझकर आए थे ? कि सरदार खुश होगा...1975 की सुपरहिट फिल्म शोले का यह डायलाग आज भी लोगों के जहन में। उस दौर में डाकू गब्बर लूटपाट करता था, समय के साथ लूटपाट का तरीका बदला और अब सबसे बड़ी लूट साइबर ठगी है।

अब गब्बर का फिशिंग जाल हो गया है और उसका सवाल होता है कि कितने क्यूआर थे ? इस गब्बर से लड़ने के लिए पुलिस ने भी तैयारी की है। इसके लिए गब्बर सहित अन्य किरदारों को साइबर सुरक्षा, सुरक्षित समाज कामिक्स में तैयार किया है।

इस कामिक्स को सभी जिलों के अधिकारियों और थानों में साइबर सेल को भेजा गया है। गब्बर के फिशिंग जाल में बताया गया ठाकुर साहब, बस यह क्यूआर कोड स्कैन कीजिए और 50 हजार का इनाम पाइए।

साइबर जागरूकता के 11 सुनहरे नियम

इसमें बताया गया कि कैसे गब्बर के जाल में फंसकर ठाकुर ने 25 हजार रुपये गवां दिए। इस पर जय और वीरू ठाकुर को ठगी के बारे में बताते हैं।

इसी तरह से हथकड़ी बनी गिरफ्तारी, कछुए की डिजिटल भूल, अलादीन और जादुई कार्ड का जाल, एपीके का फंदा, एक क्लिक और डाटा खतरे में, क्लिक का कांड, साइबर ठग और लाटरी का मायाजाल, बीरबल और डिजिटल भ्रम, मगरमच्छ का मायाजाल: एक डिजिटल धोखा सहित अन्य ये सब एक कामिक्स के अध्याय हैं, जिनके जरिए साइबर ठगी से लोगों को बचाने की तैयारी की जा रही है।

सभी अध्याय के अंत में साइबर ठगी से बचाव के टिप्स भी दिए गए हैं। इस कामिक्स को पुलिस अधिकारी पढ़ेंगे और समझेंगे कि किस तरह से साइबर ठग अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। इसे थानों की साइबर सेल के साथ मिशन शक्ति टीम को भी दिया जाएगा।

सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि मुख्यालय से साइबर जागरूकता के लिए पुस्तिका आई है। थानों की साइबर सेल और मिशन शक्ति की टीम बड़ों के अलावा बच्चों को भी इस बारे में भी बताया जाएगा, क्योंकि बच्चे कामिक्स के जरिए आसानी से समझ जाते हैं।

वह अपने बड़ों को भी बताएंगे ताकि ठगी न हो। इसके अलावा कई बार बच्चे भी धोखे में खातों से जुड़ी जानकारी दे देते हैं, इससे वे भी सतर्क रहेंगे। ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

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