बरेली नगर निगम की OTS योजना पर उठे सवाल: ₹36.95 करोड़ की मांग के मुकाबले सिर्फ 12% वसूली!
बरेली नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत ₹36.95 करोड़ की मांग के बावजूद सिर्फ 12% यानी ₹4.44 ...और पढ़ें

बरेली नगर निगम
HighLights
कई मुहल्लों में करोड़ों की मांग के मुकाबले लाखों में सिमटी वसूली
जागरण संवाददाता, बरेली। ब्याज में छूट का लाभ लेने के लिए शहर के हजारों उपभोक्ताओं ने एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में आवेदन किया, मगर नगर निगम की टैक्स वसूली उम्मीद के मुताबिक नहीं है। शहर के सभी 80 वार्डों में योजना के तहत बुधवार तक 36.95 करोड़ रुपये की मांग जनरेट की गई, मगर, इसके सापेक्ष नगर निगम के खाते में सिर्फ 4.44 करोड़ रुपये ही पहुंचे हैं।
यानी जनरेट की गई मांग के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत धनराशि ही प्राप्त हुई है। वार्डवार आंकड़ों में कई ऐसे इलाके सामने आए हैं, जहां करोड़ों रुपये की मांग के बावजूद भुगतान लाखों में सिमटा हुआ है।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रमोद कुमार द्विवेदी के अनुसार ओटीएस में बुधवार तक 17,633 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 14,095 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 40 निरस्त हुए।
इसके बावजूद जनरेटेड मांग और वास्तविक प्राप्त धनराशि के बीच करीब 32.51 करोड़ रुपये का अंतर है। वार्डवार स्थिति देखें तो रामपुर बाग में सिर्फ 191 आवेदन आए और 170 स्वीकृत हुए।
यहां 3.21 करोड़ रुपये की मांग जनरेट हुई, लेकिन सिर्फ 8.18 लाख रुपये जमा हुए। नदौसी वार्ड में 310 आवेदन प्राप्त हुए और 291 स्वीकृत किए गए।
इसके बावजूद 2.04 करोड़ रुपये की मांग के मुकाबले महज 1.30 लाख रुपये ही नगर निगम को मिले। खन्नू मोहल्ला वार्ड में 431 आवेदन आए, जिनमें 402 स्वीकृत हुए। यहां 1.59 करोड़ रुपये की मांग के सापेक्ष केवल 3.64 लाख रुपये प्राप्त हुए।
मथुरापुर में भी 237 आवेदनों में 228 स्वीकृत होने के बावजूद 32.79 लाख रुपये की मांग के मुकाबले सिर्फ 17,560 रुपये जमा हुए। हालांकि सभी वार्डों में तस्वीर एक जैसी नहीं है।
गांधी उद्यान वार्ड में 105 आवेदनों में 88 स्वीकृत हुए और 2.84 करोड़ रुपये की मांग के मुकाबले 1.22 करोड़ प्राप्त हुए। जाटवपुरा में 49 आवेदनों पर 39.05 लाख रुपये की मांग जनरेट हुई, जिसके सापेक्ष 12.14 लाख रुपये जमा हुए।
ओटीएस योजना क्या है, कब तक मिलेगा लाभ?
एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत गृहकर, जलकर और सीवर कर के बकायेदारों के लिए राहत का अवसर है। इसके तहत एक अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाये पर मूल टैक्स जमा करने पर ब्याज और सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है।
15 अगस्त से शुरू हुई योजना के लिए 14 नवंबर तक आवेदन मांगा गया है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद पूरा बकाया जमा करने के लिए 90 दिन का समय मिलता है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर ब्याज और सरचार्ज में छूट का लाभ समाप्त हो सकता है। केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं, पूरा भुगतान जरूरी है।
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