7 महीने से भूसे का भुगतान अटका तो DM ऑफिस पेट्रोल लेकर पहुंचा ग्रामीण; अफसर ने दूर की कंगाली, दिलवाई नौकरी
बरेली में एक ग्रामीण ने भूसे के बकाया भुगतान के लिए डीएम कार्यालय में आत्मदाह का प्रयास किया। डीएम के ...और पढ़ें

जनता दर्शन में पहुंचा महेंद्र सिंह
HighLights
परिवार में हो रहा था विवाद, चीनी मिल में संविदा पर नौकरी भी दिलाई
जागरण संवाददाता, बरेली। गौशाला में भूसा आपूर्ति करने के बाद सात महीने से भुगतान के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा ग्रामीण बुधवार को डीएम कार्यालय में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह को पहुंच गया। जनता दर्शन में पहुंचे महेंद्र सिंह निवासी मीरगंज के झोले में करीब दो लीटर पेट्रोल था। उसने आत्मदाह करने की बात कही तो अधिकारियों में खलबली मच गई।
डीएम ने तत्काल उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल लेकर उसे समझाया और उसकी समस्या सुनी। इसके बाद न सिर्फ बकाया भुगतान कराया, बल्कि परिवार के भरण-पोषण के लिए चीनी मिल में संविदा पर नौकरी भी दिलवा दी।
महेंद्र सिंह ने बताया कि उसने जुलाई माह में फतेहगंज पश्चिमी ब्लाक की एक गोशाला में भूसा आपूर्ति किया था। इसके एवज में उसे 22,050 रुपये मिलने थे, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ।
रकम पाने के लिए वह संबंधित अधिकारियों और वीडियो (खंड विकास अधिकारी) के चक्कर लगाता रहा। इसके बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
आर्थिक तंगी के चलते परिवार में कलह होने लगी। बच्चों की स्कूल फीस तक जमा नहीं हो पा रही थी। दीपावली पर खर्च के लिए भी उसके पास रुपये नहीं थे।
उसके पास करीब छह बीघा जमीन है, लेकिन उससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। इसी से परेशान होकर वह झोले में पेट्रोल की बोतल लेकर डीएम कार्यालय पहुंच गया।
डीएम ने उसे काफी देर तक समझाया और तत्काल पेट्रोल अपने कब्जे में लेकर उसकी समस्या के समाधान के निर्देश दिए। डीएम ने फोन पर संबंधित वीडियो को भी फटकार लगाई।
साथ ही तत्काल नाजिर को बुलाकर ग्रामीण का 22,050 रुपये का भुगतान कराया। इसके साथ ही कार्यालय में मौजूद सेमीखेड़ा सहकारी चीनी मिल के जीएम से महेंद्र सिंह को काम दिलाने के लिए कहा। इसके बाद उसे चीनी मिल में संविदा पर नौकरी भी दिलवा दी गई।