बरेली के आसमान में 8 साल बाद फिर गूंजेगी 'सारंग' की गर्जना: स्वदेशी 'ध्रुव' हेलीकॉप्टर दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब
भारतीय वायु सेना की 'सारंग' हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम 13 से 17 अक्टूबर तक बरेली में अपने हैरतअंगेज करतब दिखाएगी। यह ...और पढ़ें

हैरतअंगेज करतब करते सारंग हेलीकॉप्टर
HighLights
13 से 17 अक्टूबर तक होगा हवाई प्रदर्शन, 2018 के बाद फिर बरेली आ रही वायुसेना की प्रसिद्ध हेलीकाप्टर टीम
जागरण संवाददाता, बरेली। आसमान में एक साथ पांच हेलीकाप्टरों की सधी हुई उड़ान, पलक झपकते बदलती दिशा और हवा में हैरतअंगेज करतब। भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध हेलीकाप्टर प्रदर्शन टीम ‘सारंग’ 13 से 17 अक्टूबर तक बरेली में अपने हुनर का प्रदर्शन करेगी। इसमें स्कूल-कालेज के विद्यार्थियों के साथ आमंत्रित लोग भी भारतीय पायलटों के अद्भुत कौशल के साक्षी बन सकेंगे।
उल्लेखनीय है की इससे पहले वर्ष-2018 में इस टीम ने शौर्य का प्रदर्शन किया था। सारंग दुनिया की चुनिंदा सैन्य हेलीकाप्टर प्रदर्शन टीमों में शामिल है। पांच हेलीकाप्टरों से सजी यह टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकाप्टर (एएलएच) ‘ध्रुव’ से उड़ान भरती है।
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आसमान में बेहद कम दूरी बनाए रखते हुए सामूहिक उड़ान, तेजी से दिशा बदलने और जोखिम भरे करतब दिखाने के लिए पायलटों को असाधारण दक्षता, अनुशासन और आपसी तालमेल की जरूरत होती है। जरा-सी चूक की गुंजाइश न छोड़ने वाला यह प्रदर्शन अभ्यास और सटीकता की मिसाल है।
मोर के नाम पर है टीम
वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार वर्ष-2003 में गठित सारंग टीम का नाम संस्कृत के शब्द ‘सारंग’ से लिया गया है, जिसका अर्थ मोर होता है।

अपने आकर्षक रंगों और रोमांचक उड़ान शैली के कारण टीम ने देश-विदेश के एयर शो में अलग पहचान बनाई है। इसके प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना के कौशल के साथ स्वदेशी विमान निर्माण क्षमता की झलक भी मिलती है।
युवाओं को मिलेगा प्रेरणा का मौका
नाथनगरी बरेली में सारंग का प्रदर्शन विद्यार्थियों और युवाओं के लिए खास होगा। आसमान में हेलीकाप्टरों के करतब उन्हें विमानन, विज्ञान और आधुनिक तकनीक की दुनिया से रूबरू कराएंगे।
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साथ ही टीमवर्क, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का महत्व भी समझने का अवसर मिलेगा। युवाओं में वायु सेना के प्रति आकर्षण बढ़ाने और उन्हें देशसेवा के लिए प्रेरित करेगा।
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