बरेली में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मिली नई उड़ान, 8 और उद्योगों को मंजूरी, बढ़ेगा रोजगार
बरेली में खाद्य प्रसंस्करण के आठ और उद्योगों को मंजूरी मिली है, जिससे कुल संख्या 48 हो गई है। सरकार ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
8 नए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को मिली मंजूरी।
उद्यमियों को 5-10 करोड़ रुपये तक का अनुदान।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कमलेश शर्मा, बरेली। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नाथनगरी ने नई उड़ान भरी है। महज तीन वर्षों में खाद्य प्रसंस्करण की 40 फैक्ट्रियां स्थापित हुई हैं। राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति ने जिले में आठ और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना कराने की स्वीकृति दे दी है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में बरेली का प्रदर्शन प्रदेश में पहले स्थान पर है। उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार पांच से दस करोड़ रुपये तक का अनुदान दे रही है। इससे जहां जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, वहीं युवाओं के लिए स्थानीय स्तर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
जिले में 29 उद्योगों की स्थापना
उद्यान विभाग से खाद्य प्रसंस्करण को तीन साल पहले अलग कर दिया गया। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत जिले में 29 उद्योगों की स्थापना कराई गई थी। इनमें ब्रेड प्रोसेसिंग यूनिट, आटोमेटेड टोमैटो कैचअप इंडस्ट्री, नमकीन और स्नैक्स यूनिट, रस्क और कुकीज, बेसन ग्रेडिंग, कैटल फीड, मिर्च पाउडर, राइस ब्रान आयल, शुगर प्रोडक्ट्स, मल्टीग्रेन फ्लोर प्रोसेसिंग यूनिट, सरसों तेल यूनिट के अलावा सोया चाप, मैगी, नूडल्स, मसाला, फ्रेंच फ्राइज, बटर, बेकरी प्रोडक्ट्स, फ्रोजन प्रोडक्ट्स की फैक्ट्रियां संचालित होने लगी हैं।
पिछले वर्ष भी 11 खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को स्थापित कराया गया था। इन फैक्ट्रियों के उत्पाद बरेली मंडल ही नहीं, दूसरे प्रदेशों और नेपाल तक निर्यात किए जा रहे हैं।
आठ और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्वीकृति
पिछले बुधवार को लखनऊ में हुई राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति की बैठक में बरेली में आठ और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना कराने की स्वीकृति दे दी गई, जिनमें मिठाई, नमकीन और बेकरी का प्लांट लगाने के लिए इंडसजनता प्राइवेट लिमिटेड, मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए डायमंड अनमोल, क्रिधा जेहरी, क्रिधा सोलर, हरनाम दास स्नैक्स, मारुति इंटरप्राइजेज, एसपीजी इंडस्ट्री शामिल है।
सरकार उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए पांच से 10 करोड़ रुपये तक का अनुदान दे रही है। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में जिला काफी हद तक आत्मनिर्भर हो चुका है, इन फैक्ट्रियों में 15 से 40 लोगों को रोजगार मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में जिले में सर्वाधिक 40 औद्योगिक इकाइयों को स्वीकृति मिली और उनकी स्थापना भी हो चुकी है। अब आठ और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की मंजूरी मिली है। लखनऊ में परियोजनाओं को स्वीकृति देकर निवेश मित्रों को सम्मानित भी किया गया। पहले से स्थापित औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है, उद्यमियों अनुदान की किस्तें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। आठ और फैक्ट्रियां लगने से जिले की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
-अंशिल सिन्हा, प्रधानाचार्य राजकीय खाद्य प्रसंस्करण
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