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बरेली में बसेगा नया शहर! 11 सेक्टरों में बनेगी 'सप्तनाथ ईको सिटी', 4,726 प्लॉट के साथ मिलेंगे नक्षत्रशाला और कैनाल फ्रंट

Published: Fri, 16 Oct 2026 07:55 PM (IST)

बरेली विकास प्राधिकरण ने शहर के सुनियोजित विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें सप्तनाथ ईको ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पीलीभीत बाइपास पर 267 हेक्टेयर में विकसित होगी आवासीय योजना, 4726 भूखंड होंगे

  2. ओमैक्स इंटीग्रेटेड टाउनशिप निर्माण से लालपुर-अढ़लखिया क्षेत्र में होगा सुनियोजित विकास

जागरण संवाददाता, बरेली। शहर के सुनियोजित विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) बोर्ड की बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी मिल गई। शुक्रवार को आयुक्त एवं बीडीए बोर्ड के अध्यक्ष शंभू कुमार की अध्यक्षता में प्राधिकरण की 96वीं बोर्ड बैठक हुई।

इसमें बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण करते हुए उनके प्रस्तावित स्वरूप और शहर के विकास में उनकी उपयोगिता की जानकारी दी।

बीडीए बोर्ड की बैठक में विकास परियोजनाओं पर चर्चा करते अधिकारी। जागरण

बोर्ड में मंथन के बाद में सप्तनाथ ईको सिटी, विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला, ग्रेटर बरेली कैनाल फ्रंट और ओमैक्स इंटीग्रेटेड टाउनशिप से संबंधित प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया गया।

इन परियोजनाओं से शहर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ विज्ञान शिक्षा और हरित सार्वजनिक स्थलों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही आवास, शिक्षा, पर्यावरण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में विकास का रास्ता खुलेगा।

11 सेक्टरों में विकसित होगी सप्तनाथ ईको सिटी

पीलीभीत बाइपास क्षेत्र में 267.14 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित सप्तनाथ ईको सिटी को शहर के भविष्य के विस्तार की प्रमुख योजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें 11 सेक्टर प्रस्तावित हैं, जिनमें 4726 आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे।

योजना में अलग-अलग आय वर्गों के लिए आवासीय सुविधाओं के साथ ग्रुप हाउसिंग, व्यावसायिक क्षेत्र, पार्क और सार्वजनिक उपयोग की जगह भी विकसित होंगी।

योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआइजी) के परिवारों के लिए भी आवास की व्यवस्था की जाएगी। सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी योजना का हिस्सा बनाया गया है।

नाथ नगरी के रूप में बरेली की पहचान को ध्यान में रखते हुए थीम आधारित हरित क्षेत्र, आकर्षक लैंडस्केपिंग और ब्लू-ग्रीन कारिडोर विकसित करने की भी योजना है। इसका उद्देश्य आवासीय जरूरतों को पूरा करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है।

सेक्टर-आठ में बनेगा विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला

रामगंगा नगर के सेक्टर-आठ में विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला विकसित की जाएगी। यहां लगभग 12 मीटर व्यास का डिजिटल प्लैनेटेरियम डोम प्रस्तावित है।

इसके माध्यम से विद्यार्थी और आम नागरिक ग्रहों, तारामंडल, आकाशगंगाओं और ब्रह्मांड की विभिन्न घटनाओं को डिजिटल माध्यम से समझ सकेंगे। विज्ञान पार्क में छह विषयगत दीर्घाएं बनाई जाएंगी।

इनमें अंतरिक्ष एवं ब्रह्मांड, भू-विज्ञान, जीवन का विकास, भारतीय वैज्ञानिक परंपरा, जलवायु और पर्यावरण जैसे विषय शामिल होंगे। इस परियोजना का उद्देश्य विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उसे रोचक और अनुभवात्मक तरीके से समझने का अवसर उपलब्ध कराना है।

कैनाल फ्रंट पर विकसित होंगे पार्क और हरित पट्टियां

ग्रेटर बरेली क्षेत्र में नहर के दोनों ओर कैनाल फ्रंट विकसित करने की योजना को भी मंजूरी मिली है। इसके तहत हरित पट्टियां, पार्क, लैंडस्केपिंग, पैदल भ्रमण पथ, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे नहर के आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के साथ नागरिकों को खुले सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराए जाएंगे।

लालपुर-अढ़लखिया में इंटीग्रेटेड टाउनशिप

लालपुर और अढ़लखिया क्षेत्र में प्रस्तावित ओमैक्स इंटीग्रेटेड टाउनशिप में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के साथ सार्वजनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्रों तथा जरूरी आधारभूत ढांचे का समन्वित विकास किया जाएगा। इससे क्षेत्र में बेतरतीब विस्तार के बजाय नियोजित तरीके से आधुनिक शहरी सुविधाएं शहरवासियों को उपलब्ध होंगी।

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