क्रिप्टो और चैटिंग ऐप से 25 करोड़ का काला धन सफेद: बरेली में अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट का भंडाफोड़, 60 फर्जी खाते बरामद
बरेली पुलिस ने चैटिंग एप 'काटा लाइट' और क्रिप्टो करेंसी के जरिए 25 करोड़ रुपये के कालेधन को सफेद करने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

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HighLights
क्रिप्टो करेंसी खरीदकर एप पर क्वाइन बेचकर खातों में डलवाते हैं रुपये
फर्जी आधार कार्ड पर खाते खुलवाने पर मिलता था कमीशन, सरगना दिल्ली का धीरज तोमर
जागरण संवाददाता, बरेली/भुता। विदेश में कमाए कालेधन को चैटिंग एप काटा लाइट से सफेद किया जा रहा है। कालेधन को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से अमेरिकी डालर को क्वाइन में बदला जाता है और क्वाइन बेचकर रुपये में बदला जाता है। बरेली पुलिस ने खेल में शामिल भुता के खटेली गांव के दो सगे भाइयों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
इनके पांच खातों में दो साल में 25 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस को छह आरोपितों के 60 खाते मिले हैं और 18 जमीन के बैनामे भी मिले हैं। इस गैंग का सरगना दिल्ली के करावल नगर का रहने वाला धीरज तोमर है, जिसके संपर्क में हजारों लोग हैं।
पुलिस के मुताबिक गोपनीय सूचना मिली थी कि खटेली गांव में हवाला का पैसा आ रहा है। एक युवक ने एक साथ जमीन के बैनामे कराए हैं। इस पर भुता थाना और एसओजी पुलिस ने संयुक्त रूप से छापा मारकर बृजेश, उसके भाई हरीश सिंह, समेर, आकाश, विपुल कुमार और पिंटू को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि बृजेश ने स्नातक की पढ़ाई की है। सभी फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कराकर बैंकों में खाते खुलवाते थे।
इसके बाद मोबाइल फोन के माध्यम से आनलाइन चैटिंग एवं गेम एप डाउनलोड कर लोगों को लालच देकर अपने जाल में फंसाते और ठगी करते थे। इस नेटवर्क को दिल्ली के करावल नगर निवासी धीरज तोमर संचालित करता है।
दुबई के चैटिंग एप पर बात करने के लिए खरीदवाते हैं क्वाइन
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि आनलाइन चैटिंग व अन्य गेमिंग एप के माध्यम से कालेधन को भारत में भेजकर सफेद किया जा रहा है। काटा लाइट एप दुबई का है।
इस एप पर जो भी लोग चैटिंग करते हैं, उन्हें क्वाइन खरीदने के लिए कहा जाता है। क्वाइन के दाम काफी अधिक होते हैं। क्वाइन खरीदने वालों से रुपये लिए जाते हैं। ये रुपये फर्जी बैंक खातों में भेजे जाते हैं। इस तरह से कालाधन सफेद हो जाता है।
आनलाइन विज्ञापन देखकर खेल में शामिल हुआ बृजेश
पुलिस की पूछताछ में बृजेश ने बताया कि उसने कुछ वर्ष पहले आनलाइन विज्ञापन देखा था। जिसके माध्यम से उसका संपर्क दिल्ली के युवक से हुआ था।
इस युवक ने ही आनलाइन रुपये कमाने का बताया था। इसी के तहत उसने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाकर खाते खुलवाए। उसने अन्य लोगों को भी इसमें शामिल किया और उनके भी फर्जी खाते खुलवाए।
छह लोगों के ही 60 खाते खुलवाए गए। उसे इसके लिए तीन प्रतिशत का कमीशन मिलता है। इस एप में भारत के अलावा नेपाल, चाइना, इथोपिया, बांग्लादेश सहित अन्य देशों के लोग जुड़कर आनलाइन चैट करते हैं।
25 करोड़ का सिर्फ दिया 80 हजार टैक्स
पुलिस जांच में आया कि पांच खातों में दो वर्ष में 25 करोड़ रुपयों का लेनदेन हुआ, लेकिन इनकम टैक्स सिर्फ 80 हजार रुपये का ही भरा गया। इस तरह से एक सप्ताह में 14 लाख रुपयों का लेनदेन हुआ। 25 करोड़ के लेनदेन से उसे जो भी रकम मिली, इससे ही उसने जमीनें खरीदीं।
यह सामान हुआ बरामद
अभियुक्तों के पास से 20 मोबाइल फोन, 25 बैंक पासबुक, 44 डेबिट कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक वोटर आईडी, पांच पैन कार्ड, सात आधार कार्ड, दो बैंक स्टेटमेंट, छह सोने के बिस्किट, एक थंब स्कैनर, एक एमक्यूआर मशीन और जमीन संबंधी 18 दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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