फर्जी पेपर्स से सेंट्रल बैंक को लगाया ₹50 लाख का चूना: 2 साल बाद 2 गिरफ्तार, मास्टरमाइंड 'फिरोज' की तलाश शुरू
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की लीची बाग शाखा से फर्जी दस्तावेजों के जरिए 50.50 लाख रुपये का ऋण लेने के ...और पढ़ें

पुलिस गिरफ्त में बेग और मुस्तकीम। सौ पुलिस
HighLights
दो साल पूर्व दर्ज मुकदमे में पुलिस ने अब गिरफ्तारी की, फिरोज का नाम खुला, पुलिस कर रही तलाश
जागरण संवाददाता, बरेली। फर्जी दस्तावेजों से सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की लीची बाग से 50.50 लाख रुपये का ऋण लेने के मामले में किला पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख राजकुमार इप्पीली की ओर से दो वर्ष पूर्व दोनों पर दर्ज किला थाने में दर्ज प्राथमिकी पर अब कार्रवाई की गई है।
एक ने 28 और एक ने 22.50 लाख रुपये का ऋण लिया था। दोनों ने फिरोज का नाम लिया, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख ने 29 अगस्त 2024 को दो मुकदमे दर्ज कराए थे।
इसमें एक मुकदमे में घेर जाफर खां बारादरी के मोहम्मद मुस्तकीन खान और उसकी पत्नी फराह नाज को नामजद किया गया था। दोनों पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करते हुए बैंक से 28 लाख रुपये का ऋण लेने का आरोप है।
पुलिस ने मुस्तकीन को बाकरगंज में श्मशान भूमि फाटक रोड पर रिजवान से मिलने आने के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष 2023 में जरी का काम कम होने पर वह अब्दुल सलाम के एसके स्वीट्स शाप पर काम करने लगा था।
वहां उसकी मुलाकात गुलाब नगर, किला के फिरोज से हुई। फिरोज ने कम खर्च में ऋण पर मकान दिलाने और ऋण की पूरी रकम बैंक में जमा नहीं करने का लालच दिया। इसके बाद उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज ले लिए।
इसके बाद मुंशी नगर स्थित एक मकान की रजिस्ट्री अहमद रजा खां के माध्यम से कराकर उसके नाम पर 28 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया। बाद में उसे पता चला कि मकान की रजिस्ट्री फर्जी है।
मकान का वास्तविक मालिक कोई दूसरा व्यक्ति है। फिरोज से संपर्क करने पर उसने बात करना बंद कर दिया। उसकी पत्नी फराह नाज की जमानत याचिका भी न्यायालय से खारिज हो चुकी है।
वहीं दूसरे मामले में क्षेत्रीय प्रमुख ने फाइक एंक्लेव के मो. अफसर बेग और अब्दुल फहीम उर्फ रिजवान पर फर्जी दस्तावेज पर 22.50 लाख रुपये ऋण लेने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में हाल निवासी सकलैन नगर के मो. अफसर बेग को गिरफ्तार किया गया।
अफसर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसकी भी मुलाकात अब्दुल सलाम की एसके स्वीट्स शाप पर फिरोज से हुई थी, उसने हरूनगला के मकान का बैंक से सर्वे कराकर फर्जी रजिस्ट्री कराई और फिर 22.50 लाख का ऋण ले लिया था।
उसने फिरोज व अहमद रजा के कहने पर लालच में आकर काम किया था। थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि विवेचना में फिरोज का नाम प्रकाश में आया है। उसकी तलाश की जा रही है। इसमें बैंक कर्मियों की मिलीभगत की भी जांच की जाएगी।
सीओ द्वितीय नितिन कुमार ने बताया कि लंबित विवेचनाओं के निस्तारण का अभियान चल रहा है। इसी के तहत दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। विवेचना में जो भी नाम प्रकाश में आएंगे, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।