बाराबंकी में एतिहासिक देवा मेला में अमीर खुसरो के सूफी कलाम पर कथक देखकर झूम उठे लोग
बाराबंकी के देवा मेला ऑडिटोरियम में विविध नृत्य विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां हुईं। कलाकारों ने सूफी कथक, गणेश वंदना और भरतनाट्यम से दर्शकों का मन मोह लिया।

संवाद सूत्र, बाराबंकी। देवा मेला के ऑडिटोरियम में रविवार को नृत्य की विविध विधाओं से रंग-ए-महफिल गूंज उठा। कथक नृत्यांगना रजनी वर्मा के निर्देशन में कलाकारों ने सूफी कथक की मनमोहक प्रस्तुति दी। रजनी वर्मा ने बताया कि सामान्य कथक में राधा-कृष्ण और शिव की कथाएं होती हैं, जबकि सूफी कथक में आत्मा का परमात्मा से प्रेम दिखाया जाता है। पूजा साहू, आकृति श्रीवास्तव, आरती आर्या, निशिता और कनक ने मुझको रंग दे रंगरेज, कुन्फाया कुन, अली मोरे अंगना जैसे गीतों पर भावपूर्ण मुद्राओं से माहौल को सूफियाना बना दिया।
वैष्णवी शिक्षण संस्थान की नेहा वर्मा के निर्देशन में नृत्यांगनाओं ने गणेश वंदना, झूमर-झूमर, मेरा मुर्शिद खेले होली और अमीर खुसरो के कलाम छाप तिलक सब छीनी पर कथक पेश किया। नेहा वर्मा, तान्या सक्सेना, वैष्णवी वर्मा समेत आठ कलाकार शामिल रहीं। अभिलाषा सिंह ग्रुप ने भरतनाट्यम से मन मोहा। अनुष्का प्रकाश, यशिका शुक्ला, दिव्या चंद्रा समेत छह नृत्यांगनाओं ने श्रीराम स्तुति, महिषासुर मर्दिनी और स्वरांजलि पर भाव-भंगिमाओं का सुंदर संयोजन पेश किया।
नृत्य रंग की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक, गणेश वंदना से हुआ आगाज
देवा। रंगायन लखनऊ के कलाकारों ने कथक गुरु सुरभि सिंह के मार्गदर्शन में कथक के विविध रंग पेश किए। आकांक्षा और अंकित के निर्देशन में गणेश वंदना से कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद कलाकारों ने सधे पद संचालन और चक्करों के साथ तराना, छाप तिलक, कुन्फाया, रंगरेजा और अली मोरे अंगना पर सूफियाना नृत्य पेश कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। प्रस्तुति में आकांक्षा पांडे, संगीता कश्यप, सुंदर सिंह, शैलेन्द्र सिंह और गौरव शामिल रहे।
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लौटी रौनक, झूलों पर उमड़ी भीड़
देवा। बारिश थमने के बाद रविवार को मनोरंजन गली में फिर रौनक लौट आई। ग्रैविटी झूला, टावर झूला, रोलर कास्टर समेत दर्जनों झूले चलने से लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। बच्चों से लेकर बड़ों तक में झूलों को लेकर उत्साह दिखा।