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कभी कच्ची शराब के लिए बदनाम बाराबंकी के चैनपुरवा की बदली तस्वीर, अयोध्या दीपोत्सव को रोशन करेंगे यहां के बने दीये

Published: Mon, 02 Nov 2026 02:17 PM (IST)

बाराबंकी का चैनपुरवा गांव, जो कभी कच्ची शराब के लिए बदनाम था, अब 80 महिलाओं द्वारा बनाए गए मोम के दीयों से अपनी पहचान बदल रहा है। ॉॉ

चैनपुरवा में कैंडल दीये बनाती महिलाएं

चैनपुरवा में कैंडल दीये बनाती महिलाएं 

HighLights

  1. चैनपुरवा की 80 महिलाएं बना रही हैं मोम के दीये।

  2. कच्ची शराब के कारोबार से हटकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

  3. अयोध्या दीपोत्सव में जगमगाएंगे इनके बनाए 5 लाख दीये।

संवाद सूत्र, बाराबंकी। कभी कच्ची शराब के लिए बदनाम रहा सूरतगंज का चैनपुरवा गांव अब दीपावली की असली रोशनी बन रहा है। यहां की 80 महिलाएं मोम के रंग-बिरंगे कैंडल दीये बना कर न सिर्फ अपने घर का अंधेरा मिटा रही हैं, बल्कि इस बार उनकी मेहनत अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में 30 लाख दीयों के बीच चमकेगी।

चैनपुरवा गांव में कभी हर घर में कच्ची शराब उतरती थी। हर घर में पुलिस की दबिश और पति के जेल जाने की कहानियां आम थीं। 2020 में तस्वीर बदली। तत्कालीन एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने शहद विक्रेता निमित्त सिंह की संस्था मक्खीवाला के साथ मिलकर ऑपरेशन कायाकल्प चलाया। कच्ची का कारोबार नष्ट कर गांव की महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ा गया।

आज सुंदरा, सीता, रीना, जगराना, बसंती, रामकली सहित 80 महिलाएं कैंडल दीया बनाने में जुटी हैं। मिशन प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार बताते हैं कि पहले ये महिलाएं पति के साथ भट्ठी पर रहती थीं, अब हुनरमंद कारीगर हैं।

इस बार पांच लाख कैंडल दीयों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से दो लाख तैयार हो चुके हैं। प्रति दीया सात रुपये की दर से भुगतान होता है। मोम, धागा और कुम्हार के दीये की व्यवस्था संस्था कराती है। निमित्त सिंह कहते हैं, लागत पांच रुपये और बिक्री साढ़े पांच रुपये, पर महिलाओं को मेहनताना पूरा मिलता है। पहले गांव में 98 परिवारों की एक-एक महिला को जोड़ कर 2.2 लाख दीये बनाए गए थे, अब मांग बढ़ी है।

अयोध्या में बिखरेगी चमक

इस साल अयोध्या दीपोत्सव में सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने की तैयारी है। इसके लिए 33 लाख दीये मंगाए गए हैं। बाराबंकी और अयोध्या की 25 महिलाओं को 1.60 लाख दीयों का विशेष आर्डर दिया है, जिसकी कीमत 12.80 लाख रुपये है। प्रति दीया आठ रुपये मिलेंगे।

ये दीये कजियापुर, भगहर झील पर्यटन ग्राम और ग्यासपुर की महिलाएं बना रही हैं। यानी देवा-महादेवा के साथ अब चैनपुरवा के रंगीन कैंडल दीये भी रामनगरी में प्रकाश फैलाएंगे।

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