मिनी नंदिनी योजना: गिर और थारपारकर जैसी देशी गायों से किसानों की बढ़ेगी आय, डेयरी खोलने पर मिलेगी बंपर सब्सिडी
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को अच्छी नस्ल की गायों से डेयरी खोलने पर बंपर सब्सिडी मिल रही है।

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HighLights
मिनी नंदिनी योजना से किसानों की आय दोगुनी होगी।
10 देशी गायों की डेयरी पर 50% सब्सिडी मिलेगी।
महिलाओं के लिए योजना में 50% आरक्षण रखा गया है।
संवाद सूत्र, बाराबंकी। जिले में डेयरी से किसानों की आय दो गुणा करने की मुहिम अच्छी नस्ल की गायों के पालन से पूरी होगी। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 10 देशी गायों की डेयरी यूनिट के लिए जिले में 36 आवेदकों में से आठ का चयन किया गया है।
योजना के नोडल अधिकारी प्रदीप वर्मा ने बताया कि यह लाभ व्यक्तिगत तौर पर ही मिलेगा। किसी समूह या फर्म को पात्रता नहीं है। एक व्यक्ति को केवल एक ही इकाई मिलेगी। योजना में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण रखा गया है।
10 गायों की एक यूनिट की लागत 23.60 लाख रुपये तय है, जिस पर सरकार 50 फीसदी यानी अधिकतम 11.80 लाख रुपये सब्सिडी देगी। लाभार्थी को सिर्फ 15 फीसदी खुद लगाना है, 35 फीसदी बैंक लोन से मिलेगा। अनुदान दो चरणों में डीबीटी से आएगा।
एक यूनिट का समझिये गणित
यूनिट में साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी स्वदेशी नस्लें ही मान्य हैं। गिर गाय औसतन 10 से 15 लीटर रोज दूध देती है। इस हिसाब से 10 गायों की एक यूनिट से रोज 100 से 150 लीटर दूध मिलेगा।
यदि 50 रुपये लीटर भाव मिले तो रोज 5000 से 7500 रुपये की बिक्री होगी। चारा-भूसा पर प्रति गाय 120-150 रुपये खर्च मानें तो रोज 1500 रुपये खर्च घटाकर भी 3500 से 6000 रुपये शुद्ध बचेंगे, यानी महीने में एक लाख से 1.80 लाख रुपये तक आय हो सकती है।
