'अर्णब' साइक्लोन की बेमौसम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बाराबंकी के किसानों पर टूटी धान-आलू-सरसों की 'तिहरी मार'
चक्रवात अर्णब के कारण बाराबंकी में बेमौसम बारिश ने किसानों को तिहरी मार दी है, जिससे धान, आलू और सरसों ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
चक्रवात अर्णब से बाराबंकी में बेमौसम बारिश का कहर।
धान, आलू, सरसों की फसलों को तिहरा नुकसान पहुंचा।
किसान बड़े आर्थिक घाटे की आशंका से चिंतित हैं।
जागरण टीम, बाराबंकी। चक्रवात अर्णब का कुप्रभाव शुक्रवार को साफ दिखा। गुरुवार को तेज हवा के बाद दूसरे दिन सुबह से कहीं रिमझिम और तेज बारिश ने किसानों को तिहरी मार दे रही है। मौसम विभाग ने 22 डिग्री सेल्सियस तापमान, 95 प्रतिशम नमी और 15.98 मिमी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आरेंज अलर्ट भी है। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को धान की कटाई-मड़ाई ठप होने के साथ आलू और सरसों की बोआई में हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ से तापमान में पांच से आठ डिग्री की गिरावट आई है। किसानों ने कहा सितंबर और अक्टूबर की बारिश कभी नहीं भूलेगी।
रामसनेहीघाट में किसान दुर्गेश ने बताया कि खेत में खड़ी धान और बोई गई सरसों का बीज खराब होने का डर है। सत्यप्रकाश ने कहा कि आलू और सब्जियों को बड़ा घात यह बारिश दे रही है। फतेहपुर के पकरियापुर के किसान नौमीलाल बोले आलू की फसल में देरी होगी, सरसों की फसल का उत्पादन घटने की अशंका है। मिठवारा के जयप्रकाश कहते हैं कि पहले धान की फसल अतिवृष्टि से गिरी और अब अगमन बोआई वाली फसलें चौपट हो रहीं हैं। अबकी मौसम ने किसानों को तिहरी मार दी है, किसान घाटे से कैसे उबर पाएगा, यह तौ दैव ही जानैं।
साल भर नहीं भूलेगी सितंबर और अक्टूबर की बारिश
सितंबर में हुई बारिश में प्रदेश के 20 जिलों में बाराबंकी सबसे प्रभावित जिलों में था। 25 से 27 सितंबर को यूपी में 775 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी, 81 लोगों की मौत, 2254 मकान क्षतिग्रस्त हुए, बाराबंकी में चार लोग घायल हुए थे। तब धान, उड़द, मटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हुई थी। कृषि विभाग ने सर्वे कराया था। इस बार भी अगर बारिश जारी रही तो धान, आलू, सरसों को 20 से 30 प्रतिशत नुकसान की आशंका है।