मोबाइल की लत से बच्चों को बचाएगा के लिए नया नियम होगा लागू, बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयार किया मास्टर प्लान
बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों के बच्चों में मोबाइल की लत कम करने और पढ़ने की आदत विकसित करने ...और पढ़ें

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HighLights
हर स्कूल में टाप-5 स्टूडेंट रीडर चुने जाएंगे।
प्रत्येक सप्ताह 'रीडर आफ द वीक' का चयन होगा।
खेल, आत्मरक्षा व कला गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
जागरण संवाददाता, बांदा। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत को कम करने और उनमें किताबों व अखबार पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब मंडल के हर परिषदीय विद्यालयों में टाप-5 स्टूडेंट रीडर चुने जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक विद्यालय में हर सप्ताह ‘रीडर आफ द वीक’ का चयन किया जाएगा।
प्रयास रहेगा कि बच्चे मोबाइल के बजाय किताबों व अखबारों से जुड़कर अपना ज्ञान बढ़ाएं। यह निर्णय बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है। जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल किताबी ज्ञान से नहीं होगा, इसके लिए खेल, आत्मरक्षा, कला और क्राफ्ट जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है।
मंडल के चारों जिलों में कुल 4788 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 4,67,128 बच्चे अध्ययनरत हैं। जिसमें बांदा के 1725 विद्यालयों में 1,82,451 बच्चे अध्ययनरत हैं। इसी प्रकार से चित्रकूट के 1256 विद्यालयों में 1,15,434 हमीरपुर के 967 विद्यालयों में 91,313 व महोबा के 840 विद्यालयों में 77,930 बच्चे अध्ययरत हैं। इन सभी स्कूलों में यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
हर कक्षा से टाप-5 रीडर का होगा चयन
योजना के तहत प्रत्येक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में पुस्तकालय को सक्रिय किया जाएगा। समाचार पत्र खरीदने के लिए विभाग द्वारा बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। अब प्रधानाध्यापकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रार्थना सभा के बाद कम से कम 20 मिनट पुस्तक वाचन और समाचार पत्र वाचन के लिए निर्धारित हों। जो बच्चे नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ेंगे और उस पर चर्चा करेंगे, उनमें से हर कक्षा से टाप-5 रीडर का चयन होगा।
इन बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें बैज, प्रमाण पत्र और पुस्तकें पुरस्कार स्वरूप दी जाएंगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके साथ ही खेल और आत्मरक्षा की गतिविधियों के लिए भी रोडमैप तैयार किया है। विद्यार्थियों को इन गतिविधियों में दक्ष बनाने के लिए प्रोफेशनल कोच की मदद ली जाएगी।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को विशेष रूप से खेलों में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराया जाएगा। आत्मरक्षा के लिए जूडो-कराटे के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी।
हर सप्ताह चुना जाएगा रीडर आफ द वीक
हर सप्ताह इन्हीं बच्चों में से ‘रीडर आफ द वीक’ चुना जाएगा। जिससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी। चयनित बच्चे की फोटो विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। इससे अन्य बच्चे भी पढ़ने के लिए प्रेरित होंगे। अधिकारियों का मानना है कि जब बच्चे सुबह अखबार में मुख्य खबरें, संपादकीय और प्रेरक कहानियां पढ़ेंगे तो उनका सामान्य ज्ञान बढ़ेगा और मोबाइल पर अनावश्यक समय बर्बाद करने की आदत कम होगी।
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शासन से निर्देश प्राप्त हुए हैं, जल्द ही सभी जिलों के बीएसए के माध्यम से प्रधानाध्यापकों की एक कार्यशाला आयोजित कर योजना के बारे में बताने के निर्देश दिए जाएंगे। समाचार पत्र और प्रेरक पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इस पहल से परिषदीय स्कूलों की छवि भी बदलेगी और बच्चों में पढ़ने की संस्कृति को नया आयाम मिलेगा। संतोष कुमार पांडेय, सहायक निदेशक, बेसिक शिक्षा, चित्रकूट धाम मंडल, बांदा
