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चित्रकूट में डिग्री कॉलेज के सामने 24.98 लाख से बनेगा 180 मीटर लंबा नाला, जिला पंचायत ने दी मंजूरी

Published: Wed, 30 Sep 2026 03:39 PM (IST)

चित्रकूट में गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सामने 180 मीटर लंबा नाला बनाया जाएगा, जिससे परिसर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. डिग्री कॉलेज के सामने 180 मीटर लंबा नाला बनेगा।

  2. 24.98 लाख रुपये की लागत से नाले का निर्माण होगा।

  3. जलभराव से छात्रों और परिसर को मिलेगी स्थायी राहत।

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मैदान में कई दिनों से भरे गंदे पानी की समस्या का अस्थाई के साथ अब स्थायी समाधान होगा। विद्यार्थियों की परेशानी को लेकर दैनिक जागरण में बुधवार को कालेज के मैदान में भरा पानी, खेल गतिविधियां बंद, दिख रहे सांप की हेडलाइन के साथ फोटो सहित प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया है।

जिला पंचायत ने कर्वी-बांदा मुख्य मार्ग पर महाविद्यालय के सामने 180 मीटर लंबे नाले के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया है। नाले के निर्माण पर करीब 24.98 लाख रुपये खर्च होंगे। वहीं, तत्काल राहत के लिए नगर पालिका परिषद ने बुधवार सुबह पंपिंग सेट लगाकर मैदान में भरे पानी की निकासी शुरू करा दी है।

महाविद्यालय के सामने हाईवे किनारे बने नाले और आसपास के घरों से निकलने वाला पानी बाउंड्री के पास जमा होने के बाद परिसर में पहुंच रहा था। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के बाद मैदान में गंदा पानी भर जाता था।

इससे विद्यार्थियों को खेलकूद समेत अन्य गतिविधियों के लिए जगह नहीं मिल पा रही थी। स्काउट-गाइड के अभ्यास पर भी इसका असर पड़ रहा था। मैदान में पानी भरा होने से सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा भी बना हुआ था।

नाला बनने से दूर होगी जलभराव की समस्या

जिला पंचायत के स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार कर्वी-बांदा मुख्य मार्ग पर महाविद्यालय के सामने 180 मीटर लंबा नाला बनाया जाएगा। इससे हाईवे किनारे और आसपास के घरों से निकलने वाले पानी की निकासी व्यवस्थित हो सकेगी। साथ ही पानी के बाउंड्री के नीचे से महाविद्यालय परिसर में पहुंचने की समस्या भी कम होने की उम्मीद है।

नगर पालिका परिषद ने फिलहाल समस्या से राहत दिलाने के लिए पंपिंग सेट लगाकर मैदान से पानी निकालना शुरू कर दिया है। जलनिकासी के बाद परिसर की सफाई कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है।

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मैदान में जलभराव के कारण महाविद्यालय के करीब एक हजार छात्र-छात्राओं की गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। मैदान का उपयोग खेलकूद, बैठने और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किया जाता है। लंबे समय से पानी जमा होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही थी।