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बांदा में निजी आवासीय विद्यालय में तीन छात्रों की हालत बिगड़ी, दो की मौत

Published: Mon, 17 Aug 2026 02:20 PM (GMT+05:30)

बांदा के बाल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में कक्षा छह के दो छात्र नितिन और पुष्कर की छात्रावास में अचानक ...और पढ़ें

अरुण और नीतिन की फाइल फोटो।

अरुण और नीतिन की फाइल फोटो।

HighLights

  1. बाल विद्या मंदिर के दो छात्रों की तबीयत बिगड़ी, मौत हुई

  2. पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती

  3. मोमोज व फिंगर फ्राइज खाने से बिगड़ी हालत की आशंका

जागरण संवाददाता, बांदा। निजी आवासीय विद्यालय के छात्रावास में रविवार रात कक्षा दो, चार और छह के तीन छात्रों की हालत बिगड़ गई। इनमें से दो ने दम तोड़ दिया। तीसरा छात्र जिला अस्पताल में भर्ती है और उसके अनुसार शाम को सबने चंदा कर मोमोज व फिंगर फ्राइस मंगाकर खाए थे, जिसके बाद उल्टी और पेट दर्द हो रहा था। स्वजन का आरोप है कि खाना खत्म होने पर विद्यालय प्रबंधन ने फास्ट फूड मंगवाकर खिलाया था।

सुबह की बची दाल और चटनी में पानी मिलाकर रोटी खिलाई गई। मेस में गंदगी रहती है। बच्चों के बीमार होने की सूचना भी नहीं दी गई। खाद्य सुरक्षा टीम ने बने भोजन व रखी खाद्य सामग्री के नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। जांच में पता चला है कि स्कूल की न आवासीय की मान्यता है और न मेस का लाइसेंस। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया है।

two students from banda residential school pass away (1)

बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय। 

शहर से सटे झील का पुरवा में 2002 से बीएल विद्या मंदिर विद्यालय संचालित है। 2022 में इसे आवासीय बनाया गया था। इसकी मान्यता कक्षा आठ तक की है, लेकिन कक्षाएं हाईस्कूल तक चलती हैं। हास्टल में 34 छात्र रहते हैं। विद्यालय प्रबंधक ओम प्रकाश कुशवाहा ने बताया कि रविवार रात 11 बजे कक्षा छह के छात्र नितिन कुमार को पेट दर्द व उल्टी की शिकायत हुई। उसे बाइक से जिला अस्पताल ले जाया गया। एक घंटे उपचार के बाद वापस हास्टल लाया गया।

सोमवार सुबह पांच बजे उसकी हालत दोबारा बिगड़ गई। उसे फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। बीच कक्षा दो के अरुण कुमार को भी वही समस्या हुई तो जिला अस्पताल ले गए। उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने से पहले उसकी भी मौत हो गई। कक्षा चार के छात्र योगेश की सोमवार दोपहर हालत बिगड़ी। वह जिला अस्पताल में भर्ती है।

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दो छात्रों की मौत व तीसरे के बीमार होने के बाद बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में खाने के सैंपल को सील करती खाद्य सुरक्षा टीम। कर्मचारी 

छात्र योगेश ने बताया कि सभी छात्रों ने 20-20 रुपये चंदा देकर कक्षा सात के छात्र राहुल से मोमोज व फिंगर फ्राइस मंगवाई थी। छात्र राहुल ने बताया कि प्रबंधक से अनुमति लेकर वह सभी 34 छात्रों के लिए एक किमी दूर ठेले से खाने का सामान लाया था, जिसे उसने खुद भी खाया। प्रबंधक का कहना है कि रात में बच्चों ने मूंग की दाल, रोटी और चावल खाया था। उन्हें जहरीले कीड़े के काटने की आशंका है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नंदलाल गुप्ता ने बताया कि रिपोर्ट का इंतजार है। लाइसेंस न होने को लेकर कार्रवाई की जाएगी।

आवासीय विद्यालय चलाने की नहीं मिली मान्यता, होगी जांच

बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय के दो बच्चों की मौत व एक के बीमार होने की जानकारी होने पर
बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी ने बताया कि उन्होंने मौके पर जाकर जांच की है। इसमें विद्यालय के प्रबंधक आवासीय विद्यालय चलाने की मान्यता का प्रमाण नहीं दिखा सके हैं। वह आगे की विभागीय जांच करेंगे। जिसके आधार पर विद्यालय संचालक के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सकों की टीम से बच्चों के स्वस्थ का परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पोस्टमार्टम में मौत का कारण नहीं हुआ स्पष्ट, जांच के लिए भेजा विसरा

आवासीय विद्यालय के दोनों छात्रों की मौत को लेकर जहां फूड प्वाइजन व जहरीले कीड़े के काटने की शंका जताई जा रही है। वहीं बिना चिकित्सीय पैनल व वीडियो ग्राफी दोनों के शवों का पोस्टमार्टम सोमवार शाम किया गया। पोस्टमार्टम में दोनों छात्रों के मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इससे दोनों के शवों का बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। शहर कोतवाली पुलिस को पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सौंपा गया है।

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आवासीय विद्यालय के छात्र नितिन के दम तोड़ने के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बिलखतीं मां अनीता, साथ में उसका छोटा भाई हर्ष। जागरण 

लाडले बेटे के साथ की बड़ी नाइंसाफी, उसे मुझसे विद्यालय वालों ने छीन लिया...

बीएल विद्या मंदिर के निजी आवासीय विद्यालय के जिन दोनों छात्रों की बीमार होने के बाद मौत हुई है। दोनों के स्वजन घटना को लेकर बिलखते रहे। दिवंगत हुए छात्र नितिन की मां अनीता बेटे के गम में रोते-रोते कई बार गश खाकर बेहोश हो गई। उसने बिलखते हुए आरोप लगाया कि उनके लाडले बेटे के साथ विद्यालय वालों ने बड़ी ना इंसाफी की है। उनके बेटे को उन्होंने छीन लिया है। यही हाल दिवंगत हुए अरुण की मां प्रीति व उसके बाबा पूर्व फौजी विजयपाल का भी रहा। वह भी उसकी मौत के गम में बेहाल रहे। स्वजन ने विद्यालय प्रशासन पर तरह-तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं। पेट दर्द होने पर देर में अस्पताल ले गए हैं। इसी बीच दर्द की वजह से बच्चे बेड से नीचे गिर गए थे। बाद में उन्हें अस्पताल देर में ले जाया गया है।

छात्रों की मौत के गम में बिलखते रहे स्वजन, नितिन की मां गश खाकर हुई बेहोश

सरस्वाह गांव के दिवंगत हुए छात्र नितिन व महेदू गांव के दिवंगत हुए अरुण के स्वजन के बीच घटना को लेकर सोमवार पूरे दिन चीत्कार मची रही। रिश्ते नातेदारों की अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भीड़ लगी रही। अरुण की मां प्रीति व नितिन की मां अनीता ने आरोप लगाया कि उनके बेटों से जल्दी फोन से बात नहीं कराई जाती थी। इतना ही नहीं पढ़ाई के लिए एक दो बार पीटा भी गया है। बीमार होने पर किसी तरह की सूचना तुरंत उन्हें नहीं दी गई। उनके दम तोड़ने के बाद विद्यालय में पढ़ रहे उनके भाइयों से ही बीमार होने की सूचना दी गई। इसमें जब वह अस्पताल पहुंचे तो दोनों बच्चे दम तोड़ चुके थे। जबकि समय पर सूचना देते तो वह भी अपने बच्चों की समय पर जाकर स्थिति को समझते, उनसे तबीयत बिगड़ने के बारे में उनसे बात करते। जिससे सही स्थिति स्पष्ट होती। हालांकि विद्यालय के प्रबंधक ओमप्रकाश कुशवाहा का कहना है कि उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बिलखते दिवंगत छात्र अरुण के स्वजन। जागरण 


बहन के जन्म दिन में नितिन गया था गांव, फोन पर हुई बात नहीं भूल पा रहे स्वजन

नितिन के पिता सुनील ने बताया कि वह तीन भाइयों व एक बहन में दूसरे नंबर का था। इसमें बड़ा बेटा 15 वर्षीय अनीस व दूसरे नंबर का नितिन व छोटा सात वर्षीय अर्श है। सबसे छोटी चार वर्षीय बहन लक्ष्मी है। नितिन आखिरी बार बहन के जन्म दिन में 21 जुलाई को घर आया था। इसके बाद 22 जुलाई को अगले दिन वह विद्यालय चला गया था। उसके घर आने पर सभी ने उसे दुलार किया था। इसके अलावा रविवार दोपहर करीब 12 बजे नितिन का फोन उनके पास आया था। तब वह खेत में धान की बेड़ लगा रहे थे। उसका कहना था कि पापा सोमवार को नाग पंचमी है। साथ में रक्षा बंधन भी आ रहा है। उसे घर ले जाओ। पिता ने उसे सोमवार को विद्यालय लेने आने के लिए कहा था। पिता अपने बेटे के आखिरी शब्द भूल नहीं पा रहे हैं। वह अपनी ढाई बीघा जमीन में खेती करने के साथ गिरवां कस्बे में बीज भंडार खोले हैं। जिससे परिवार का भरण-पोषण होता है।

सप्ताह भर पहले मां ने अरुण को दुलार कर भेजा था विद्यालय

अरुण की मां प्रीति ने बताया कि बेटा आखिरी बार आठ अगस्त को घर आया था। रविवार की नौ अगस्त की छुट्टी थी। इससे 10 अगस्त को उसे दोबारा पूर्व फौजी बाबा विजयपाल खुद छोड़कर आए थे। विद्यालय जाते समय वह अपने मां के गले लगा था। मां ने भी उसका माथा चूम कर दुलार करते हुए विद्यालय भेजा था। रोते हुए मां बोली उन्हें नहीं मालूम था कि उनका बेटा दोबारा उन्हें देखने को नहीं मिलेगा। इसके बाद इस बीच कभी उससे फोन पर बात नहीं हुई थी।

नितिन व अरुण में थी गहरी दोस्ती, अपने भाइयों के साथ दोनों थे सोते

नितिन व अरुण वैसे तो अलग-अलग कक्षा में पढ़ते थे। लेकिन उनके स्वजन का कहना था कि दोनों में अच्छी निभती थी। अरुण इसी साल पहली बार जुलाई माह में विद्यालय में प्रवेश कराकर पढ़ने गया था। वह दो भाइयों व एक बहन में छोटा था। उसका बड़ा भाई 11 वर्षीय उत्कर्ष भी उसी के साथ विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ता है। इसी तरह नितिन का छोटा भाई सात वर्षीय हर्ष भी उसी विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ता है। दोनों अपने-अपने भाइयों के साथ बेड पर सोते थे, लेकिन उत्कर्ष व हर्ष ने बाहर का लाया फास्ट फूड नहीं खाया था। दोनों के साथ रह रहे भाइयों ने उनके बीमार होने की जानकारी स्वजन को दी है।


- दोनों बच्चों में उल्टी व पेट दर्द होना बताया गया है। जो फूड प्वाइजन के लक्षण हैं, लेकिन अरुण की जो स्थिति परीक्षण में पाई गई है। उसमें जहरीले कीड़े के काटने की आशंका है।
विनीत सचान, जिला अस्पताल ईएमओ

 

डीआईओएस व बीएसए को मान्यता व विद्यालय के संचालन के संबंध में जांच के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा टीम को निर्देशित किया गया है कि रोस्टर बनाकर हर आवासीय विद्यालय के भोजन की गुणवत्ता की जांच की जाए। पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अमित आसेरी, डीएम बांदा

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