विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

साहब, बाथरूम जाना है... दीवान का हाथ झटककर कोर्ट परिसर से रफूचक्कर हुआ 65 किलो गांजे का तस्कर, बांदा पुलिस महकमे में हड़कंप

Published: Fri, 14 Aug 2026 09:20 PM (GMT+05:30)

बांदा न्यायालय परिसर से पेशी पर लाया गया 65 किलो गांजे का तस्कर संजय सिंह बाथरूम जाने के बहाने दीवान ...और पढ़ें

न्यायालय परिसर से रस्सी झटक कर फरार हुआ आरोपित बंदी संजय सिंह। फाइल फोटो पुलिस

न्यायालय परिसर से रस्सी झटक कर फरार हुआ आरोपित बंदी संजय सिंह। फाइल फोटो पुलिस 

HighLights

  1. बांदा कोर्ट से 65 किलो गांजे का तस्कर फरार।

  2. बाथरूम जाने के बहाने दीवान का हाथ झटककर भागा।

  3. पुलिस की पांच टीमें फरार बंदी की तलाश में जुटी।

जागरण संवाददाता, बांदा। मंडल कारागार से पेशी पर न्यायालय आया बंदी बहाने से बाथरूम गया और बाहर निकलते ही दीवान के हाथ से रस्सी झटक कर भाग निकला। पहले तो दीवान उसे स्वयं ढूंढ़ता रहा, लेकिन जब नहीं मिला तो उच्च अधिकारियों को जानकारी दी।

पूरे जिले में नाकेबंदी कराई गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। एसपी पलाश बंसल ने कहा कि बंदी के विरुद्ध शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। निगरानी ड्यूटी में लापरवाही करने वाले दीवान बीर सिंह के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। उसे छह जून 2026 को चिल्ला थाना पुलिस ने 65 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

पैलानी कस्बे के खप्टिहाकला गांव निवासी बंदी संजय सिंह को मंडल कारागार के बैरक नंबर 11 में रखा गया था। शुक्रवार दोपहर एनडीपीएस एक्ट में उसकी न्यायालय में पेशी थी। पुलिस लाइन की गारद अन्य बंदियों के साथ संजय को जेल से कचहरी स्थित लाकअप ले गई। न्यायालय में पुकार होने पर बारी-बारी से बंदियों को पेशी में पुलिस कर्मी ले जा रहे थे।

दोपहर करीब ढाई बजे संजय ने पेशी में ले जाते समय निगरानी ड्यूटी में लगे दीवान बीर सिंह से लघुशंका लगना बताया। दीवान उसे कचहरी परिसर में बने बाथरूम में ले गया। जहां से बंदी संजय सिंह दीवान के हाथ से रस्सी झटक कर फरार हो गया। बंदी के भागने की जानकारी होने पर दीवान घबरा गया। उसने किसी को मामले की जानकारी नहीं दी।

शाम 5:30 बजे तक जब बंदी नहीं मिला तो उसने लाकअप में अन्य पुलिस कर्मियों व अधिकारियों को जानकारी दी। एसपी ने एसओजी के साथ चिल्ला, पैलानी और शहर कोतवाली पुलिस की पांच टीमें गठित कीं। हर चेक पोस्ट पर चेकिंग की गई।

एसपी ने बताया कि फरार बंदी के विरुद्ध पैलानी थाने में एनडीपीएस एक्ट समेत दो से तीन मुकदमे दर्ज हैं। जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह ने बताया कि फरार बंदी पर 11 अगस्त को पिट एनडीपीएस (मादक पदार्थ रोकथाम अधिनियम) लगाने का कागज उनके पास प्रशासन की ओर से आया था। पिट एनडीपीएस एक्ट लगने का तात्पर्य यह है कि यदि किसी बंदी की जमानत भी हो जाती है तब भी उसे एक साल तक जेल में रहना होता है।


पहले भी पेशी में ले जाने पर भाग चुके हैं कई अन्य बंदी


पेशी में ले जाने पर सुरक्षा निगरानी में पुलिस कर्मियों की ओर से बड़ी चूक की गई है। निगरानी में यह लापरवाही पुलिस कर्मियों की ओर से पहली बार नहीं हुई है। इसके पहले भी न्यायालय पेशी में ले जाने पर कई अन्य बंदी फरार हो चुके हैं। हालांकि बाद में सभी को पकड़ कर दोबारा जेल भेजा गया था।

16 मार्च को भी भागा था एक बंदी

शहर स्थित न्यायालय परिसर से जिस तरह एनडीपीएस एक्ट का आरोपित बंदी संजय सिंह दीवान को चकमा देकर भागा है। उसी तरह 16 मार्च को अतर्रा सिविल न्यायालय में पेशी पर ले जाए गए भागवत नगर निवासी चोरी का आरोपित बंदी चुन्नू भी पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भाग निकला था। इसी तरह लापरवाही करने पर ढाई साल पहले शहर से भी पेशी में ले जाया गया बंदी भाग निकला था। जिससे बाद में पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास से उसे पकड़ा था।

तीन साल पहले कचहरी परिसर से भी एक बंदी हुआथा फरार

इतना ही नहीं तीन साल पहले एक बंदी कचहरी परिसर से भी पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ था। हालांकि बाद में वह भी पकड़ा गया था। सबसे बड़ी भागने की घटना करीब 10 वर्ष पहले हुई थी। जब पेशी में आया हत्यारोपित लादेन पुलिस कर्मियों के साथ शराब पार्टी करने के बाद अपने साथी के साथ भाग निकला था। हालांकि बाद में बदौसा थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में फरार हत्यारोपित आरोपित मार गिराया गया था।

छह बंदी बंदूक लूटकर भागे थे

इसके पहले एक बार वर्ष 2012 में अतर्रा पेशी में ले जाए गए छह बंदी एक साथ गड़रा नाले के पास से पुलिस कर्मियों की बंदूक लूटकर भागे थे। जिसका आखिरी फरार आरोपित आठ माह पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। निगरानी ड्यूटी में लापरवाही करने के बाद पुलिस अधिकारियों की ओर से कार्रवाई करने के बाद भी सुधार न होना बड़ी चिंता का विषय है।

यह भी पढ़ें- Kanpur Dehat News: फोन पर बात करती हैं टीचर, स्कूल में नहीं होती पढ़ाई...शिकायत करने चौकी पहुंचा छात्र