दिव्यांगजन पेंशन योजना में केंद्र सरकार ने किया बड़ा बदलाव, अब 40% दिव्यांगता पर जन्म से ही मिलेगी पेंशन
केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, अब जन्म से 40% दिव्यांगता पर भी पेंशन मिलेगी।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
केंद्र ने दिव्यांगजन पेंशन योजना में किया बड़ा बदलाव।
अब 40% दिव्यांगता पर जन्म से ही मिलेगी पेंशन।
लाखों दिव्यांगों, खासकर बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ।
जागरण संवाददाता, बांदा। केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन योजना में बड़ा बदलाव करते हुए लाखों दिव्यांगों को राहत दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) को वर्ष 2030-31 तक विस्तार देते हुए अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर जन्म से ही पेंशन देने का फैसला लिया है।
पहले यह पेंशन केवल 18 वर्ष से अधिक उम्र और 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वालों को ही मिलती थी। केंद्र के इस फैसले के बाद पेंशन के दायरे में आने वाले लाभार्थियों की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी। पहले आयु और अधिक दिव्यांगता प्रतिशत की शर्त के कारण बड़ी संख्या में दिव्यांगजन योजना से वंचित रह जाते थे। अब नए नियम से कम दिव्यांगता वाले और छोटे बच्चों को भी लाभ मिलेगा।
लाभार्थियों की संख्या 5 गुना बढ़ने की उम्मीद
जिले की बात करें तो जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और सीएमओ कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 22 हजार लोगों को दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 17 से 18 हजार लोग 40 से 79 प्रतिशत दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं, जबकि 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले लोगों की संख्या चार से पांच हजार के बीच है। वर्तमान में जिले में सिर्फ 80 प्रतिशत दिव्यांगता वाले करीब 4210 लोगों को ही दिव्यांग पेंशन मिल रही थी।
यानी प्रमाण पत्र रखने वाले 22 हजार में से करीब 18 हजार लोग पेंशन से वंचित थे। नए नियम लागू होने के बाद ये 18 हजार से अधिक दिव्यांगजन भी पेंशन के पात्र हो जाएंगे। इससे जिले में लाभार्थियों की संख्या पांच गुना तक बढ़ने की उम्मीद है।
विभाग का मानना है कि इस बदलाव से सबसे ज्यादा फायदा जन्मजात दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों को होगा। अभी तक 18 साल से कम उम्र के बच्चों को पेंशन नहीं मिलती थी, जिससे उनके इलाज और देखभाल का पूरा खर्च परिवार को उठाना पड़ता था। इस संबंध में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र के नए दिशा-निर्देश आने के बाद जन्म से दिव्यांग बच्चों का भी पंजीकरण शुरू होगा।
