GPF Scam: प्रयागराज की ऑडिट टीम ने बांदा स्वास्थ्य विभाग में पकड़ा जीपीएफ घोटाला, लाखों का हेरफेर, अब होगी रिकवरी
प्रयागराज की ऑडिट टीम ने बांदा स्वास्थ्य विभाग में जीपीएफ खाते से 35 लाख का लोन लेने में अनियमितता पकड़ी ...और पढ़ें

HighLights
प्रयागराज ऑडिट टीम ने बांदा स्वास्थ्य विभाग में अनियमितता पकड़ी
ऑप्टोमेट्रिस्ट ने 35 लाख का जीपीएफ लोन धोखाधड़ी से लिया
एडी स्वास्थ्य ने कार्रवाई और रिकवरी के निर्देश दिए
जागरण संवाददाता, बांदा। मंडल के बांदा स्वास्थ्य विभाग में सामान्य भविष्य निधि खातों जीपीएफ में भारी वित्तीय अनियमितता और लोन स्वीकृति में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। प्रयागराज की लेखा विभाग की आडिट टीम की जांच में तिंदवारी में तैनात आप्टोमेट्रिस्ट (नेत्र परीक्षण विशेषज्ञ) के करीब 35 लाख रुपये लोन लेना पकड़ा है। जबकि उसके जीपीएफ खाते में धनराशि कम रही है।
उसने निकालने गई धनराशि को अपने खाते से कटना नहीं दर्शाया था। आडिट टीम दस्तावेजों का मिलान करा रही है। इसके लिए वह जीपीएफ व लोन संबंधी कई कर्मचारियों के दस्तावेज अपने साथ ले गई है।
प्रयागराज से आई दो सदस्यीय लेखा विभाग की आडिट टीम ने बुधवार को कर्मचारियों के लिए गए लोन व जीपीएफ खातों की जांच की थी। जिसमें तिंदवारी पीएचसी में तैनात आप्टोमेट्रिस्ट देवेंद्र कुमार के खाते में गड़बड़ी पायी गई। चित्रकूट धाम मंडल के अपर निदेशक स्वस्थ्य डा. अभय सिंह ने बताया कि आडिट करने के बाद टीम अभी खातों का मिलान प्रयागराज में करेगी।
वैसे तिंदवारी के आप्टोमेट्रिस्ट की ओर से जीपीएफ की धनराशि ज्यादा दिखाकर करीब 35 लाख तक का लोन लिया है। जबकि उसने अपने जीपीएफ खाते से पूर्व में निकाली गई धनराशि को कटना नहीं दिखाया है। इसी मामले को आडिट टीम ने पकड़ा है। इसी तरह का एक मामला महोबा जिले में स्वास्थ्य विभाग के लिपिक का सामने आया था।
बांदा में अन्य कितने कर्मचारियों के खातों में कमी मिली है। यह अभी आडिट टीम ने उजागर नहीं किया है। प्रयागराज से आई आडिट टीम के अधिकारियों ने अपने नाम नहीं बताए हैं। उनकी शासन को भेजी गई रिपोर्ट से पूरी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल उनकी ओर से आप्टोमेट्रिस्ट देवेंद्र कुमार के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्राचार किया है। सीएमओ को भी विभागीय कार्रवाई कराने व ज्यादा निकाली गई धनराशि रिकवारी कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
