खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना: भूमि अधिग्रहण के बाद बलरामपुर में किसानों को मिलने लगा मुआवजा
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के लिए बलरामपुर जिले के 10 गांवों में भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को प्रतिकर भुगतान शुरू हो गया है।
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HighLights
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू।
बलरामपुर के 10 गांवों में किसानों को प्रतिकर भुगतान जारी।
परियोजना से बलरामपुर को मिलेगी सीधी रेल कनेक्टिविटी।
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। जिले के लोगों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होती नजर आ रही है। प्रस्तावित खलीलाबाद–बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के लिए बलरामपुर जिले के 10 गांवों की जमीन के अधिग्रहण के बाद प्रतिकर भुगतान शुरू कर दिया गया है। सदर तहसील के सेखुई में शिविर लगाकर जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। उनको जमीन मूल्य का भुगतान देना शुरू कर दिया गया है।
रेल लाइन के लिए देवरिया, भवनियापुर, बनघुसरा, लुचुइया, फरेंदा, दुल्हापुर, पयागपुर, कलंदरपुर, सेखुइया और गणेशपुर गांवों की भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है।
सामाजिक प्रभाव आकलन के दौरान प्रभावित किसानों, भूमिधरों, परिवारों और सार्वजनिक संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया। इसके बाद नियमानुसार मुआवजा और भूमि अधिग्रहण की अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा रही है।
एक नजर में नई रेल लाइन
- लंबाई- 240 किमी
- लागत- 4940 करोड़
- क्रासिंग स्टेशन- 16
- हाल्ट स्टेशन- 12
- बड़े पुल- 32
- छोटे पुल- 86
आजादी के बाद से इस क्षेत्र में नई रेलवे लाइन का विस्तार नहीं हो सका था। लंबे समय से बलरामपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग इस रेल परियोजना की मांग कर रहे थे। यह परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रेल लाइन बनने के बाद बलरामपुर का सीधा रेल संपर्क बहराइच, श्रावस्ती, उतरौला, डुमरियागंज, मेंहदावल और खलीलाबाद जैसे शहरों से स्थापित होगा। इन क्षेत्रों में अब तक रेलवे लाइन नहीं है।
लोगों को आवागमन के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बताया कि किसानों को प्रतिकर भुगतान के लिए गांव में ही शिविर लगाया जा रहा है। इससे किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
