नैमिषारण्य-हरदोई-फर्रुखाबाद के बीच नई रेल लाइन की मांग तेज, पर्यटन मंत्री ने रेल मंत्री को लिखा लेटर
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर नैमिषारण्य से हरदोई होते हुए फर्रुखाबाद तक 112 किमी नई रेल लाइन बिछाने का अनुरोध किया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
पर्यटन मंत्री ने नैमिषारण्य-हरदोई-फर्रुखाबाद नई रेल लाइन हेतु पत्र लिखा।
यह लाइन नैमिषारण्य को प्रमुख धार्मिक स्थलों से जोड़ेगी, पर्यटन बढ़ेगा।
परियोजना से क्षेत्र में व्यापार, रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, हरदोई। प्राचीन तीर्थ नैमिषारण्य को देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों से सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने की मुहिम एक बार फिर तेज हो गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर नैमिषारण्य से हरदोई होते हुए फर्रुखाबाद तक करीब 112 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।
पर्यटन मंत्री का यह कदम नैमिषारण्य-मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति के एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद सामने आया है। समिति के महासचिव अजय पाल सिंह सोमवंशी के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को इस परियोजना की उपयोगिता और संभावित लाभों से अवगत कराया था।
समिति के अनुसार इस 112 किमी लंबे रेल मार्ग के निर्माण से नैमिषारण्य का सीधा संपर्क मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, काशी, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों से सुगम हो जाएगा।
इसके साथ ही, यह मार्ग पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत से मध्य, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर जाने वाले यात्रियों और मालगाड़ियों के लिए एक नया और सुगम वैकल्पिक रेल गलियारा उपलब्ध करा सकता है, जिससे रेलवे को माल भाड़े में भी लाभ मिलने की संभावना है।
प्रस्तावित रेल लाइन बनने से क्षेत्र के कई जिलों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे तीर्थाटन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है।
पहले भी उठ चुकी है मांग
इस रेल मार्ग को लेकर पूर्व में भी प्रयास किए जा चुके हैं। हरदोई की सवायजपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह नेगी ने भी फर्रुखाबाद-हरदोई-नैमिषारण्य रेल लाइन के लिए रेल मंत्री को पत्र लिखा था। उस दौरान प्राथमिक सर्वे के निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी।
अब पर्यटन मंत्री की पहल के बाद इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना को लेकर एक बार फिर उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, परियोजना का अंतिम क्रियान्वयन रेलवे के तकनीकी सर्वे, व्यवहार्यता और बजट स्वीकृति पर निर्भर करेगा।
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